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अजब जांच : व्यक्तिगत शौचालयों के आवेदन खारिज, गवाह समान
Mon, 29 Sep 2025 11:23 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:23 PM IST
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एटा। ग्राम पंचायतों में सचिवों की बिना मर्जी के काम होना मुश्किल होता है। मारहरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिरसा बदन में भी कुछ ऐसा ही हुआ।
दो आवेदकों के शौचालय के आवेदन खारिज कर दिए गए। शिकायत के बाद फजीहत हो रही है। अजब बात तो यह है कि दोनों मामलों में गवाह समान ही बनाए गए हैं।
गांव के विजय शंकर ने घर में शौचालय न होने पर सरकारी मदद से इसका निर्माण कराने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवेदन किया।
पात्रता सूची में उनका नाम नहीं आया। पता करने पर कोई जानकारी भी नहीं मिली।
जब लिखित में आवेदन कर जवाब मांगा गया तो मौजूदा ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि पूर्व के ग्राम पंचायत अधिकारी ने आवेदन निरस्त किया था।
वजह के बारे में बताया कि वेबसाइट पर आवेदन निरस्त होने के बाद इसका विवरण मिलना संभव नहीं है। ग्राम विकास अधिकारी की ओर से गवाह कमल सिंह और युवराज सिंह को बनाया गया।
इसी तरह की स्थिति इसी ग्राम पंचायत की गीता के साथ भी आई। उनका आवेदन निरस्त हो गया। वजह पूछने पर वही जवाब दोहरा दिया गया।
मजेदार बात है कि इसकी गवाही में भी ग्राम विकास अधिकारी की ओर से कमल सिंह और युवराज सिंह के ही नाम दर्ज किए गए हैं।
इन लोगों ने अपनी शिकायतें डीएम के यहां तक पहुंचाईं। इसके बाद जांच शुरू हो गई है। दोबारा आवेदन करने के लिए कहा जा रहा है।
आश्वासन दिया जा रहा है कि अब उनके शौचालय बनवा दिए जाएंगे।
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दो आवेदकों के शौचालय के आवेदन खारिज कर दिए गए। शिकायत के बाद फजीहत हो रही है। अजब बात तो यह है कि दोनों मामलों में गवाह समान ही बनाए गए हैं।
गांव के विजय शंकर ने घर में शौचालय न होने पर सरकारी मदद से इसका निर्माण कराने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवेदन किया।
पात्रता सूची में उनका नाम नहीं आया। पता करने पर कोई जानकारी भी नहीं मिली।
जब लिखित में आवेदन कर जवाब मांगा गया तो मौजूदा ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि पूर्व के ग्राम पंचायत अधिकारी ने आवेदन निरस्त किया था।
वजह के बारे में बताया कि वेबसाइट पर आवेदन निरस्त होने के बाद इसका विवरण मिलना संभव नहीं है। ग्राम विकास अधिकारी की ओर से गवाह कमल सिंह और युवराज सिंह को बनाया गया।
इसी तरह की स्थिति इसी ग्राम पंचायत की गीता के साथ भी आई। उनका आवेदन निरस्त हो गया। वजह पूछने पर वही जवाब दोहरा दिया गया।
मजेदार बात है कि इसकी गवाही में भी ग्राम विकास अधिकारी की ओर से कमल सिंह और युवराज सिंह के ही नाम दर्ज किए गए हैं।
इन लोगों ने अपनी शिकायतें डीएम के यहां तक पहुंचाईं। इसके बाद जांच शुरू हो गई है। दोबारा आवेदन करने के लिए कहा जा रहा है।
आश्वासन दिया जा रहा है कि अब उनके शौचालय बनवा दिए जाएंगे।