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हाथरस हादसा: सत्संग में क्या हुआ...कैसे मची भगदड़, पैरों से कुचले महिलाएं और बच्चे; 116 मौतों का खौफनाक मंजर
Wed, 03 Jul 2024 06:26 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 03 Jul 2024 06:26 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के हाथरस और एटा जिले की सीमा पर भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मची। कई राज्यों से आए लोगों की भीड़ बेकाबू हुई, तो महिलाएं और बच्चे पैरों से रुंदते चले गए। चीखें और शोर के बीच अपनी जान की परवाह थी।
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हाथरस में बड़ा हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार को भोले बाबा के सत्संग में भगड़द मच गई। इसमें अब तक 116 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हादसे में 200 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे में मौतों की ये संख्या अभी बढ़ सकती है। ये हादसा आखिर कैसे हुआ और जिम्मेदार कौन है, ये बड़ा सवाल है, लेकिन हादसा कैसे हुआ और भगदड़ कैसे मची, आंखों देखी पूरी घटना इस सत्संग में शामिल युवती ने बताई।
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सत्संग में शामिल होने आई युवती ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। सत्संग समाप्त होते ही लोग वहां से निकलना शुरू हुए। निकलने की जल्दी में भगदड़ मच गई। लोग एक दूसरे को देख ही नहीं रहे थे। महिलाएं और बच्चे गिरते चले गए। भीड़ उनके ऊपर से दौड़ रही थी। कोई बचाने वाला नहीं था। चारों ओर चीख पुकार मची हुई थी।
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गांव रतिभानपुर के निवासी प्रमोद यादव ने बताया कि इतना बड़ा सत्संग यहां पहली बार हुआ था। लोगों ने बताया कि महीने के पहले मंगलवार को सत्संग होता है। इस सत्संग में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों के लोग आए थे।
तीन किलोमीटर तक फैले थे वाहन
भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहनों की संख्या तीन किलोमीटर तक फैली हुई थी। अलग से यहां पार्किंग भी बनाई गई थी, इसके बाद भी इतने वाहन थे कि हाईवे किनारे उन्हें खड़ा करना पड़ गया था।
भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहनों की संख्या तीन किलोमीटर तक फैली हुई थी। अलग से यहां पार्किंग भी बनाई गई थी, इसके बाद भी इतने वाहन थे कि हाईवे किनारे उन्हें खड़ा करना पड़ गया था।