एटा। सूर्य ग्रहण पड़ने के बाद शहर के सभी मंदिर और धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई व धुलाई की गई। शनिवार रात दस बजे से लगे सूतक के बाद से धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया था। रविवार सुबह को भी सूतक लगने के कारण मंदिरों के कपाट बंद रहे। दोपहर तीन बजे बाद सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। इसके बाद श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए मंदिरों में पहुंचे।
रविवार सुबह शहर के प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद रहे। सुबह करीब 9:15 बजे सूर्य ग्रहण शुरू हुआ। ग्रहण के कारण सूर्य की प्रतिमा चांद जैसी प्रतीत हो रही थी। करीब तीन बजे सूर्य ग्रहण खत्म हुआ। इसके बाद शहर के कैलाश मंदिर, काली मंदिर, दुर्गा मंदिर, पथवारी मंदिर आदि की धुलाई की गई। शाम को भक्तों के लिए कपाट खोले गए। भक्तों ने मंदिरों पर महंत, पुजारी आदि को दान किया। संवाद