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सैनिक पड़ाव के गंदे पानी में मगरमच्छ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:50 PM IST
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
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हाजीपुरा सैनिक पड़ाव में खाली स्थान पर जमा गंदे पानी में शुक्रवार को मगरमच्छ देख लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि वहां खेल रहे बच्चों की पानी में फड़फड़ा रहे मगरमच्छ पर नजर पड़ गई, वर्ना कोई भी बच्चा इसका निवाला बन सकता था। वन विभाग की टीम जब तक मौके पर पहुंची, मगरमच्छ पानी में छिप गया था।
हाजीपुर मोहल्ले के समीप स्थित सैनिक पड़ाव के पास से नाला है। नाले में पानी का फ्लो नहीं होने से स्थानीय लोगाें ने उसकी निकास सैनिक पड़ाव के खाली पड़ी जमीन पर कर दिया है। इसके वहां तालाब जैसा बन गया है। इसी के आसपास दिनभर स्थानीय बच्चे खेलते भी रहते हैं। शुक्रवार को भी बच्चे खेल रहे थे, तभी उन्हें जमा गंदे पानी में कुछ आवाज सुनाई दी। देखा तो मगरमच्छ फड़फड़ा रहा था। इससे बच्चों की रूह कांप गई। बच्चों की चीखें सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। डीएम और वन विभाग के अफसरों की सूचना दी गई। वन विभाग की टीम जब तक मौके पर पहुंची, मगरमच्छ पानी में जा चुका था। मगरमच्छ के नहीं पकड़े नहीं जाने से लोगों में दहशत है। सैनिक पड़ाव के पानी में इलाके के लोगों ने 15 दिन पहले भी मगरमच्छ देखने की चर्चा थी। पर, अफवाह समझ कर लोग चुप बैठ गए। बुधवार को साफ दिखाई देने पर लोग हैरत में है कि आखिर नदियाें, तालाबों और नहरों में रहने वाला मगरमच्छ यहां आया कैसे?
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मगरमच्छ पकड़ने आगरा से आएगी टीम
डीएफओ एसके सक्सेना ने बताया कि विभाग की टीम मगरमच्छ की पानी में लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं। आगरा में बात कर मगरमच्छ पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है।
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रातभर में 25 किमी जमीन पर रेंग सकता है
डीएफओ ने बताया कि मगरमच्छ यूं तो नदियां, तालाबों और नहरों में मिलते हैं, लेकिन वे रात में 25 किमी तक रेंग भी सकते हैं। जिला मुख्यालय से दूर गंगनहर में मगरमच्छ हैं। संभव है कि वहीं से रेंग कर मगरमच्छ सैनिक पड़ाव तक पहुंच गया हो।
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हिंदूनगर में कछुआ, मगरमच्छ के हैं तस्कर!
स्थानीय लोगों की माने तो हिंदूनगर में कुछ लोग कछुआ और मगरमच्छ के बच्चों की तस्करी से जुड़े हैं। लोगों का दावा है कि दो बार महिलाएं कछुओं के साथ पकड़ी भी जा चुकीं हैं। आशंका है यही लोग मगरमच्छ का बच्चा तस्करी करके लाए हों और सैनिक पड़ाव के पानी में छोड़ दिया हो। हालांकि वन विभाग स्थानीय लोगों के इस दावे को खारिज कर रहा है।
नुमाइश में आने वालों के लिए बन सकता है खतरा
मार्च के अंतिम सप्ताह में सैनिक पड़ाव से लेकर रामलीला ग्राउंड तक नुमाइश लगने जा रही है। नुमाइश में महिलाएं, युवतियां, युवक और बच्चे घूमने आते हैं। ऐसे में यदि मगरमच्छ समय से नहीं पकड़ा गया तो लोगों के लिए जानलेवा बन सकता है।
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हाजीपुर मोहल्ले के समीप स्थित सैनिक पड़ाव के पास से नाला है। नाले में पानी का फ्लो नहीं होने से स्थानीय लोगाें ने उसकी निकास सैनिक पड़ाव के खाली पड़ी जमीन पर कर दिया है। इसके वहां तालाब जैसा बन गया है। इसी के आसपास दिनभर स्थानीय बच्चे खेलते भी रहते हैं। शुक्रवार को भी बच्चे खेल रहे थे, तभी उन्हें जमा गंदे पानी में कुछ आवाज सुनाई दी। देखा तो मगरमच्छ फड़फड़ा रहा था। इससे बच्चों की रूह कांप गई। बच्चों की चीखें सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। डीएम और वन विभाग के अफसरों की सूचना दी गई। वन विभाग की टीम जब तक मौके पर पहुंची, मगरमच्छ पानी में जा चुका था। मगरमच्छ के नहीं पकड़े नहीं जाने से लोगों में दहशत है। सैनिक पड़ाव के पानी में इलाके के लोगों ने 15 दिन पहले भी मगरमच्छ देखने की चर्चा थी। पर, अफवाह समझ कर लोग चुप बैठ गए। बुधवार को साफ दिखाई देने पर लोग हैरत में है कि आखिर नदियाें, तालाबों और नहरों में रहने वाला मगरमच्छ यहां आया कैसे?
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मगरमच्छ पकड़ने आगरा से आएगी टीम
डीएफओ एसके सक्सेना ने बताया कि विभाग की टीम मगरमच्छ की पानी में लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं। आगरा में बात कर मगरमच्छ पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है।
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रातभर में 25 किमी जमीन पर रेंग सकता है
डीएफओ ने बताया कि मगरमच्छ यूं तो नदियां, तालाबों और नहरों में मिलते हैं, लेकिन वे रात में 25 किमी तक रेंग भी सकते हैं। जिला मुख्यालय से दूर गंगनहर में मगरमच्छ हैं। संभव है कि वहीं से रेंग कर मगरमच्छ सैनिक पड़ाव तक पहुंच गया हो।
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हिंदूनगर में कछुआ, मगरमच्छ के हैं तस्कर!
स्थानीय लोगों की माने तो हिंदूनगर में कुछ लोग कछुआ और मगरमच्छ के बच्चों की तस्करी से जुड़े हैं। लोगों का दावा है कि दो बार महिलाएं कछुओं के साथ पकड़ी भी जा चुकीं हैं। आशंका है यही लोग मगरमच्छ का बच्चा तस्करी करके लाए हों और सैनिक पड़ाव के पानी में छोड़ दिया हो। हालांकि वन विभाग स्थानीय लोगों के इस दावे को खारिज कर रहा है।
नुमाइश में आने वालों के लिए बन सकता है खतरा
मार्च के अंतिम सप्ताह में सैनिक पड़ाव से लेकर रामलीला ग्राउंड तक नुमाइश लगने जा रही है। नुमाइश में महिलाएं, युवतियां, युवक और बच्चे घूमने आते हैं। ऐसे में यदि मगरमच्छ समय से नहीं पकड़ा गया तो लोगों के लिए जानलेवा बन सकता है।