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साकार हरि का अनसुना किस्सा: शादी के वक्त सूरजपाल छठीं तो पत्नी 5वीं की थीं छात्रा, जानें UP में कहां है ससुराल
Tue, 09 Jul 2024 03:50 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 09 Jul 2024 03:50 PM IST
सार
साकार हरि का अनसुना किस्सा: कक्षा छह में पढ़ते थे तब हो गई थी शादी, पत्नी पांचवी की थी छात्रा; इस जिले में है ससुराल
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साकार हरि बाबा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में सूरजपाल उर्फ साकार हरि की ससुराल है। वह भोले बाबा बने तो ससुरालीजन उनके भक्त हो गए। रिश्तेदारी नाम की रह गई। शुरुआती दौर में तो ससुराल आए और सत्संग भी किए। बाद में प्रसिद्धि मिलने पर आना-जाना बंद कर दिया। पटियाली के बहादुरनगर गांव में ही ये लोग पहुंचते तो औपचारिक मुलाकात हो जाती थी।
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जैथरा क्षेत्र के गुहटिया गांव निवासी हरपाल सिंह की दो पुत्री और एक पुत्र हैं। एक पुत्री प्रेमवती से सूरजपाल की शादी 1968 में हुई थी। उस समय सूरजपाल कक्षा छह और प्रेमवती कक्षा पांच में पढ़ती थीं। शादी के बाद सूरजपाल की पढ़ाई जारी रही, जबकि प्रेमवती गृहणी हो गईं। प्रेमवती के भाई मेवाराम बताते हैं कि शादी के बाद सूरजपाल का आना-जाना था। बाद में उनकी नौकरी लग गई। कई साल नौकरी करने के बाद सेवानिवृत्ति लेकर वह सत्संग करने लगे।
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ससुराल के लोग बताते हैं कि 1995 में बाबा यहां आकर 15 दिन रुके थे। कई जगह सत्संग किया। इससे तमाम लोग उनके अनुयायी हो गए थे। 2000 में प्रेमवती की मां कलावती का निधन हो गया। उनके तेरहवीं संस्कार में भोले बाबा का सत्संग रखा गया था। यह आखिरी मौका था जब भोले बाबा और प्रेमवती इस गांव में पहुंचे थे।
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