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अफसरों की मौन स्वीकृति पर सज गया मंगलबाजार
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मंगल वाजार में खरीदारी करते ग्राहक ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। दीपोत्सव के पांच दिवसीय त्योहार में मात्र तीन दिन शेष बचे हैं। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के दिन अघोषित मंगल बाजार लग गया। यहां से गुजरे अधिकारियों ने भी इसकी मौन स्वीकृति दे दी। बाजार में महिलाओं ने सबसे ज्यादा कपड़े और शृंगार के सामानों की खरीदारी की। इस दौरान लोग कोविड की सरकारी गाइडलाइन भूलते हुए दिखाई दिए तथा सामाजिक दूरी का पालन तक नहीं किया। खरीदार और विक्रेताओं ने मास्क तक नहीं लगाया था। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ा रहा।
28 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से डीएम सुखलाल भारती के आदेश पर मंगल बाजार बंद है। अनलॉक में भी प्रशासन ने मंगलबाजार लगने की अनुमति नहीं दी। दीपोत्सव का त्योहार समीप आने पर प्रशासन की ओर से ढिलाई हुई तो गांधी मार्केट में मंगलबाजार सुबह से ही सज गया। मंगलबाजार में सबसे ज्यादा कपड़ों की बिक्री हुई। इस दौरान महिलाओं ने सर्दी के सीजन को देखते हुए शॉल, जुराब, कार्डिगन, ऊनी और गरम सलवार कुर्ता, सहित रजाई, कंबल आदि की खरीदारी की। वहीं शृंगार के सामान सहित परचून और रसोई के छोटे-छोटे सामान की खरीदारी की।
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सामान की खरीदारी के लिए बाजार आए थे, यहां मंगलबाजार सजा हुआ है, तो क्यों दुकान पर जाएं। यहीं से त्योहार और जरूरत के सामान खरीद रहे हैं। यहां अच्छा भी है और सस्ता भी।
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-नैना यादव, ग्राहक
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मंगल बाजार में सामान बढ़िया मिल जाता है। त्योहार से पहले इस बार मंगलबाजार लगा है, जानकारी हुई तो यहां खरीदारी को आ गए हैं।
रूबी देवी, ग्राहक
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साप्ताहिक बंदी में मंगलबाजार लगाने की प्रशासन द्वारा कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। त्योहारों को देखते हुए बाहर के छोटे व्यापारी अपना फड़ लगाकर सामान की बिक्री कर रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
-विवेक मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन
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28 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से डीएम सुखलाल भारती के आदेश पर मंगल बाजार बंद है। अनलॉक में भी प्रशासन ने मंगलबाजार लगने की अनुमति नहीं दी। दीपोत्सव का त्योहार समीप आने पर प्रशासन की ओर से ढिलाई हुई तो गांधी मार्केट में मंगलबाजार सुबह से ही सज गया। मंगलबाजार में सबसे ज्यादा कपड़ों की बिक्री हुई। इस दौरान महिलाओं ने सर्दी के सीजन को देखते हुए शॉल, जुराब, कार्डिगन, ऊनी और गरम सलवार कुर्ता, सहित रजाई, कंबल आदि की खरीदारी की। वहीं शृंगार के सामान सहित परचून और रसोई के छोटे-छोटे सामान की खरीदारी की।
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सामान की खरीदारी के लिए बाजार आए थे, यहां मंगलबाजार सजा हुआ है, तो क्यों दुकान पर जाएं। यहीं से त्योहार और जरूरत के सामान खरीद रहे हैं। यहां अच्छा भी है और सस्ता भी।
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-नैना यादव, ग्राहक
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मंगल बाजार में सामान बढ़िया मिल जाता है। त्योहार से पहले इस बार मंगलबाजार लगा है, जानकारी हुई तो यहां खरीदारी को आ गए हैं।
रूबी देवी, ग्राहक
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साप्ताहिक बंदी में मंगलबाजार लगाने की प्रशासन द्वारा कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। त्योहारों को देखते हुए बाहर के छोटे व्यापारी अपना फड़ लगाकर सामान की बिक्री कर रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
-विवेक मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन