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आरटीआई: जांच किसी पर, जवाब मांग रहे दूसरों से
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एटा। रोडवेज डिपो की एक वित्तीय अनियमितता के मामले में एटा जिला प्रशासन जांच कर रहा है। जब शिकायतकर्ता ने जांच की स्थिति पता करने के लिए आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से सवाल पूछा तो पहले प्रशासन ने पत्र कासगंज जिला प्रशासन को भेज दिया। बाद में इसे एआरटीओ को भेजकर जवाब मांगा है।
मामला 2011 से 2017 के बीच का है। एटा डिपो में फ्लीट घोटाला सुखिर्यों में रहा था। शिकायतकर्ता राकेश गौतम ने घोटाले की शिकायत शासन तक की थी। आरोप था कि करीब सात साल में रोडवेज की बसों को खड़ा दिखा उनसे होने वाली आमदनी को लूटा गया। 2018 में उन्होंने यह शिकायत की। जिसकी जांच एडीएम प्रशासन को सौंप दी गई। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने इसे लेकर आरटीआई के तहत सवाल डाल जांच की प्रगति पूछी। इस पर कलक्ट्रेट के जन सूचना अधिकारी की ओर से पहले कासगंज जिला प्रशासन से संबंधित मामला बताते हुए वहां भेज दिया गया। लेकिन वहां से इनकार हो गया। इसके बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को पत्र भेज जवाब मांगा गया।
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एआरटीओ ने भी किया इनकार
जनसूचना अधिकारी के पत्र पर एआरटीओ प्रशासन हेमचंद्र गौतम ने जवाब भेजा है। बताया कि मामले का संबंध हमारे कार्यालय से नहीं है। संभवत: पत्र किसी गलती से यहां भेज दिया गया है।
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पता किया जाएगा कि किस आधार पर कासगंज जिला प्रशासन और एआरटीओ को पत्र भेजे गए हैं। कहीं न कहीं मामले से इनका संबंध रहा होगा।
- अलंकार अग्निहोत्री, एएसडीएम व प्रभारी अधिकारी जनसूचना अधिकारी डीएम कार्यालय
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मामला 2011 से 2017 के बीच का है। एटा डिपो में फ्लीट घोटाला सुखिर्यों में रहा था। शिकायतकर्ता राकेश गौतम ने घोटाले की शिकायत शासन तक की थी। आरोप था कि करीब सात साल में रोडवेज की बसों को खड़ा दिखा उनसे होने वाली आमदनी को लूटा गया। 2018 में उन्होंने यह शिकायत की। जिसकी जांच एडीएम प्रशासन को सौंप दी गई। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने इसे लेकर आरटीआई के तहत सवाल डाल जांच की प्रगति पूछी। इस पर कलक्ट्रेट के जन सूचना अधिकारी की ओर से पहले कासगंज जिला प्रशासन से संबंधित मामला बताते हुए वहां भेज दिया गया। लेकिन वहां से इनकार हो गया। इसके बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को पत्र भेज जवाब मांगा गया।
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एआरटीओ ने भी किया इनकार
जनसूचना अधिकारी के पत्र पर एआरटीओ प्रशासन हेमचंद्र गौतम ने जवाब भेजा है। बताया कि मामले का संबंध हमारे कार्यालय से नहीं है। संभवत: पत्र किसी गलती से यहां भेज दिया गया है।
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पता किया जाएगा कि किस आधार पर कासगंज जिला प्रशासन और एआरटीओ को पत्र भेजे गए हैं। कहीं न कहीं मामले से इनका संबंध रहा होगा।
- अलंकार अग्निहोत्री, एएसडीएम व प्रभारी अधिकारी जनसूचना अधिकारी डीएम कार्यालय