{"_id":"615c4a398ebc3e0dfa74d4d6","slug":"rising-temperature-patients-reduced-in-papers-etah-news-agr5103156154","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ रहा ताप, कागजों में घटे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ रहा ताप, कागजों में घटे मरीज
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगी मरीजों की कतारें। संवाद
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। मलेरिया, डेंगू का ताप लगातार बढ़ रहा है। मरीजों की भरमार है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के कागजों में मरीज घट गए हैं। पिछले महीने तक पैथोलॉजी लैब में चार हजार तक जांचें हो रही थीं। अब संख्या घटकर 1000-1200 रह गई है। सीबीसी जांच मशीन खराब बताकर अधिकांश मरीजों को लौटाया जा रहा है।
जनपद में बुखार के मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में बुखार के रोगी घट रहे हैं। यह बात कॉलेज मेें स्थित पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट कह रही है। बीते दिनों पैथोलॉजी में बुखार से पीड़ितों की जांच का आंकड़ा प्रतिदिन चार हजार से ऊपर निकल रहा था, लेकिन दो दिन से यह आंकड़ा घटकर एक हजार से 12 सौ मरीजों का रह गया है। यहां पैथोलॉजी में जांच के नाम पर मलेरिया व डेंगू की ही जांच की जा रही है।
नहीं हो रही सीबसी की जांच
पैथोलॉजी में बुखार के पीड़ितों की सीबीसी जांच से प्लेटलेट्स की स्थिति पता की जाती है, लेकिन यहां चार दिनों से यह जांच ही नहीं हो रही है। इसके अलावा टायफाइड की जांच भी नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
सितंबर में दो बार हुई मशीन खराब
सीबीसी की मशीन सितंबर माह में दो बार खराब हो चुकी है। जब पहली बार खराब हुई तो मशीन चार दिन बाद ठीक हुई थी। वहीं तीन दिन चलने के बाद फिर खराब हो गई।
विज्ञापन
जनपद में बुखार के मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में बुखार के रोगी घट रहे हैं। यह बात कॉलेज मेें स्थित पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट कह रही है। बीते दिनों पैथोलॉजी में बुखार से पीड़ितों की जांच का आंकड़ा प्रतिदिन चार हजार से ऊपर निकल रहा था, लेकिन दो दिन से यह आंकड़ा घटकर एक हजार से 12 सौ मरीजों का रह गया है। यहां पैथोलॉजी में जांच के नाम पर मलेरिया व डेंगू की ही जांच की जा रही है।
विज्ञापन
नहीं हो रही सीबसी की जांच
पैथोलॉजी में बुखार के पीड़ितों की सीबीसी जांच से प्लेटलेट्स की स्थिति पता की जाती है, लेकिन यहां चार दिनों से यह जांच ही नहीं हो रही है। इसके अलावा टायफाइड की जांच भी नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
सितंबर में दो बार हुई मशीन खराब
सीबीसी की मशीन सितंबर माह में दो बार खराब हो चुकी है। जब पहली बार खराब हुई तो मशीन चार दिन बाद ठीक हुई थी। वहीं तीन दिन चलने के बाद फिर खराब हो गई।