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संचारी रोग नियंत्रण की हकीकत: नाले चोक, ऐसे रोकेंगे संचारी रोग...
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जीटी रोड पर मेडिकल कॉलेज के पास चोक नाला ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। खास जोर है कि कहीं गंदगी और जलभराव जैसी समस्या न रहे। इसकी वजह से ही मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे रोग फैलते हैं। कार्यक्रम शुरू हुए सात दिन बीत भी चुके हैं, लेकिन शहर में ही रोडवेज बस स्टैंड, आगरा रोड आदि प्रमुख इलाकों तक के नाले चोक हैं, जिनमें मच्छर पल रहे हैं। सवाल उठता है कि ऐसे ही संक्रामक रोगों को रोका जाएगा?
मच्छरों की वजह से हर साल ही सैकड़ों लोग मलेरिया और डेंगू की चपेट में आते हैं। पिछले साल तो डेंगू का भीषण प्रकोप रहा था। कई लोगों को जान तक गंवानी पड़ी। खासतौर से इस तरह की बीमारियों से बचाव के लिए ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाता है। कई विभागों की मदद से इसका संचालन किया जाता है। पहला उद्देश्य यही है कि कहीं भी जलभराव और गंदगी न रहे, जिससे मच्छर ओर लार्वा को पलने का मौका मिले। कागजों में यह अभियान 2 अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन हकीकत में सफाई कहीं नजर नहीं आ रही।
रोडवेज बस स्टैंड : फर्श तक अटा हुआ है नाला
रोडवेज बस स्टैंड के ठीक सामने बना हुआ गहरा नाला चोक पड़ा है। सफाई और पानी की निकासी न होने के कारण यह फर्श तक अटा हुआ है। यात्रियों, दुकानदारों द्वारा फेंके जाने वाला कूड़ा इसमें ऊपर तक भरा हुआ नजर आ रहा है। रात में मच्छरों की अधिकता के चलते बस स्टैंड पर ठहरना यात्रियों के लिए मुश्किल हो जाता है।
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मेडिकल कॉलेज : चोक पड़े नाले में पनप रहे मच्छर
जीटी रोड के पास मेडिकल कॉलेज के बाहर से होकर गुजरे नाले में लगभग आधे शहर का पानी आता है, लेकिन ये नाला भी चोक पड़ा है। जिसके चलते इसमें पानी ऊपर तक भरा है, गंदगी भी है। मच्छर पनप रहे हैं। जीटी रोड किनारे के व्यापारी और मेडिकल कॉलेज में रात के समय आने वाले मरीज व तीमारदार परेशान रहते हैं।
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मच्छरों की वजह से हर साल ही सैकड़ों लोग मलेरिया और डेंगू की चपेट में आते हैं। पिछले साल तो डेंगू का भीषण प्रकोप रहा था। कई लोगों को जान तक गंवानी पड़ी। खासतौर से इस तरह की बीमारियों से बचाव के लिए ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाता है। कई विभागों की मदद से इसका संचालन किया जाता है। पहला उद्देश्य यही है कि कहीं भी जलभराव और गंदगी न रहे, जिससे मच्छर ओर लार्वा को पलने का मौका मिले। कागजों में यह अभियान 2 अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन हकीकत में सफाई कहीं नजर नहीं आ रही।
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रोडवेज बस स्टैंड : फर्श तक अटा हुआ है नाला
रोडवेज बस स्टैंड के ठीक सामने बना हुआ गहरा नाला चोक पड़ा है। सफाई और पानी की निकासी न होने के कारण यह फर्श तक अटा हुआ है। यात्रियों, दुकानदारों द्वारा फेंके जाने वाला कूड़ा इसमें ऊपर तक भरा हुआ नजर आ रहा है। रात में मच्छरों की अधिकता के चलते बस स्टैंड पर ठहरना यात्रियों के लिए मुश्किल हो जाता है।
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मेडिकल कॉलेज : चोक पड़े नाले में पनप रहे मच्छर
जीटी रोड के पास मेडिकल कॉलेज के बाहर से होकर गुजरे नाले में लगभग आधे शहर का पानी आता है, लेकिन ये नाला भी चोक पड़ा है। जिसके चलते इसमें पानी ऊपर तक भरा है, गंदगी भी है। मच्छर पनप रहे हैं। जीटी रोड किनारे के व्यापारी और मेडिकल कॉलेज में रात के समय आने वाले मरीज व तीमारदार परेशान रहते हैं।