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Etah News: कार सेवा को गए राकेश ने खाईं लाठियां, भटके थे पैदल
Fri, 12 Jan 2024 11:28 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 12 Jan 2024 11:28 PM IST
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एटा। जिले से कार सेवा के लिए बड़ी संख्या में रामभक्त अयोध्या गए थे। जिनमें से कुछ को वहीं गिरफ्तार कर लिया गया था। बाकी को एटा आने पर गिरफ्तार किया गया। इन कार सेवकों का कहना है कि जेल में समस्या नहीं हुई। मगर कारसेवा के दौरान जरूर लाठियां खानी पड़ी थीं। ऐेसे ही एक रामभक्त हैं निधौली कलां के रहने वाले राकेश गुप्ता।
राकेश बताते हैं कि 1990 में हम सभी कारसेवक अयोध्या गए। पुलिस को इसकी भनक लग गई। वहीं से सभी कारसेवकों को खदेड़ा गया। लाठीचार्ज हुआ तो हमें भी लाठियां खानी पड़ीं। जिसके बाद किसी तरह छुपते-छुपाते हम लोग गोंडा पहुंचे। परिवहन का कोई साधन नहीं मिला तो पैदल ही तुलसीपुर, अकबरपुर आदि स्थानों से होते हुए एटा पहुंचे।
राकेश कहते हैं कि उस समय हमारी उम्र 28 वर्ष थी। रामलला को तिरपाल से निकालने का जुनून सवार था। इसके साथ ही उस समय बड़ी-बड़ी दाढ़ी भी रखते तो पुलिस आए दिन गिरफ्तार कर लेती थी। 1992 में बाबरी विध्वंस को जाते समय पुलिस ने जिला मुख्यालय से हमें 13 साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद हमें जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज में बनाई गई अस्थायी जेल में रखा गया। यहां हम सभी लोग 17 दिन तक बंद रहे। यहां किसी तरह की यातना तो नहीं दी गई, मगर बंदिशें बहुतह थीं।
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राकेश बताते हैं कि 1990 में हम सभी कारसेवक अयोध्या गए। पुलिस को इसकी भनक लग गई। वहीं से सभी कारसेवकों को खदेड़ा गया। लाठीचार्ज हुआ तो हमें भी लाठियां खानी पड़ीं। जिसके बाद किसी तरह छुपते-छुपाते हम लोग गोंडा पहुंचे। परिवहन का कोई साधन नहीं मिला तो पैदल ही तुलसीपुर, अकबरपुर आदि स्थानों से होते हुए एटा पहुंचे।
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राकेश कहते हैं कि उस समय हमारी उम्र 28 वर्ष थी। रामलला को तिरपाल से निकालने का जुनून सवार था। इसके साथ ही उस समय बड़ी-बड़ी दाढ़ी भी रखते तो पुलिस आए दिन गिरफ्तार कर लेती थी। 1992 में बाबरी विध्वंस को जाते समय पुलिस ने जिला मुख्यालय से हमें 13 साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद हमें जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज में बनाई गई अस्थायी जेल में रखा गया। यहां हम सभी लोग 17 दिन तक बंद रहे। यहां किसी तरह की यातना तो नहीं दी गई, मगर बंदिशें बहुतह थीं।
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