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Etah News: बारिश से राहत तो कीट बने आफत, मूंग मक्का पर बढ़ा खतरा, किसान परेशान
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एटा। पिछले दिनों हुई बारिश से मूंग और मक्का की फसलों के लिए सिंचाई की बड़ी समस्या कुछ हद तक कम हुई। बूंदाबांदी ने किसानों को राहत तो दी मगर अब यही मौसम का बदलाव नई मुसीबत बनकर सामने आ रहा है। तापमान में आई गिरावट के बाद इन फसलों पर कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। खेतों में कीट पत्तियां काट रहे हैं जिससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। स्थिति बिगड़ने से पहले ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है।
इन दिनों जिले में मूंग और मक्का की खेती होती है। गर्मी के मौसम में 70 से 80 दिन में तैयार होने वाली ये फसलें किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण सहारा मानी जाती हैं। कई बार अन्य फसलों में हुए नुकसान की भरपाई किसान इन्हीं खरीफ फसलों से कर लेते हैं। ऐसे में बारिश से भले ही सिंचाई का एक दौर पूरा हो गया लेकिन बढ़ते कीट प्रकोप ने किसानों की मेहनत पर खतरा मंडरा दिया है।
किसान राकेश कुमार ने बताया कि मक्का में तो कीटों की पहचान आसानी से हो जाती है लेकिन उड़द व मूंग की फसल पर लगातार निगरानी रखनी पड़ रही है। पत्तियों में छेद और कटाव दिखते ही किसान दवा का छिड़काव कर रहे हैं। कीटों के बढ़ते हमले से उत्पादन घटने की आशंका भी जताई जा रही है। संवाद
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इन दिनों जिले में मूंग और मक्का की खेती होती है। गर्मी के मौसम में 70 से 80 दिन में तैयार होने वाली ये फसलें किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण सहारा मानी जाती हैं। कई बार अन्य फसलों में हुए नुकसान की भरपाई किसान इन्हीं खरीफ फसलों से कर लेते हैं। ऐसे में बारिश से भले ही सिंचाई का एक दौर पूरा हो गया लेकिन बढ़ते कीट प्रकोप ने किसानों की मेहनत पर खतरा मंडरा दिया है।
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किसान राकेश कुमार ने बताया कि मक्का में तो कीटों की पहचान आसानी से हो जाती है लेकिन उड़द व मूंग की फसल पर लगातार निगरानी रखनी पड़ रही है। पत्तियों में छेद और कटाव दिखते ही किसान दवा का छिड़काव कर रहे हैं। कीटों के बढ़ते हमले से उत्पादन घटने की आशंका भी जताई जा रही है। संवाद
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