{"_id":"57fd2e044f1c1b3e7128fab2","slug":"raamaayan-kaaleen-astron-ne-lubhaaya-man","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामायण कालीन अस्त्रों ने लुभाया मन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामायण कालीन अस्त्रों ने लुभाया मन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
दशहरा मेला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दशहरा मेले पर खेल खिलौनों की खूब बिक्री हुई। इस दौरान बच्चों को रामायण कालीन अस्त्र-शस्त्र पंसद आए। वहीं टेसू झांझी का क्रेज बरबरार दिखा।
दशहरा मेले में दुकानदारों ने स्टॉल लगाए थे। प्रभूपार्क परिसर में लगे मेले के अलावा नदरई गेट क्षेत्र में भी स्टॉल सजे थे। इन दुकानों पर दोपहर के बाद से ही भीड़ आनी शुरू हो गई थी। खान-पान घरेलू उपयोग के सामानों के अलावा सबसे ज्यादा भीड़ खिलौनों की दुकानों पर दिखी। बच्चों ने झूले का भी आनंद लिया। वहीं दशहरा मेले में धनुष, गदा, लकड़ी की तलवार, मुखौटे आदि अन्य खेल खिलौने लोगों को सबसे ज्यादा पंसद आए।इनकी कीमत भी अधिक न होने से परिजनों ने आसानी से बच्चों की इस मांग को पूरा कर दिया। टेसू झांझी का क्रेज भी प्राचीन मान्यताओं के चलते बरकरार दिखा। कुंभकारों ने जगह जगह टेसू झांझी, गुल्लक के फड़ लगाए। इनकी खरीदारी भी लोगों ने की। दुकानदार पुष्पेंद्र ने बताया कि उसने तीर, कमान, तलवार आदि का स्टॉल सजाया । सारा माल आसानी से बिक गया। रवेंद्र ने बताया कि उसके टेसू झांझी की बिक्री भी अच्छी रही।
विज्ञापन
दशहरा मेले में दुकानदारों ने स्टॉल लगाए थे। प्रभूपार्क परिसर में लगे मेले के अलावा नदरई गेट क्षेत्र में भी स्टॉल सजे थे। इन दुकानों पर दोपहर के बाद से ही भीड़ आनी शुरू हो गई थी। खान-पान घरेलू उपयोग के सामानों के अलावा सबसे ज्यादा भीड़ खिलौनों की दुकानों पर दिखी। बच्चों ने झूले का भी आनंद लिया। वहीं दशहरा मेले में धनुष, गदा, लकड़ी की तलवार, मुखौटे आदि अन्य खेल खिलौने लोगों को सबसे ज्यादा पंसद आए।इनकी कीमत भी अधिक न होने से परिजनों ने आसानी से बच्चों की इस मांग को पूरा कर दिया। टेसू झांझी का क्रेज भी प्राचीन मान्यताओं के चलते बरकरार दिखा। कुंभकारों ने जगह जगह टेसू झांझी, गुल्लक के फड़ लगाए। इनकी खरीदारी भी लोगों ने की। दुकानदार पुष्पेंद्र ने बताया कि उसने तीर, कमान, तलवार आदि का स्टॉल सजाया । सारा माल आसानी से बिक गया। रवेंद्र ने बताया कि उसके टेसू झांझी की बिक्री भी अच्छी रही।