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मुआवजे को लेकर ग्रामीणों ने विरामपुर पर बाईपास निर्माण रूकवाया
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एटा। शहर के बाहर बाईपास सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसमें गांव विरामपुर के लोगों की भी जमीन अधिग्रहण की गई थी, जिसका अभी तक शासन द्वारा मुआवजा नहीं दिया गया है। शनिवार को मुआवजा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर बाईपास निर्माण कार्य रुकवाया दिया।
शहर का बाईपास विरामपुर से मानपुर गांव के बीच में बनाया जा रहा है। विरामपुर गांव के लोगों की जमीन भी बाईपास निर्माण में अधिग्रहण कर ली गई थी, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अभी तक इन किसानों का मुआवजा नहीं दिया है। वहीं कुछ लोग को आधा मुआवजा ही दिया गया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बाईपास का निर्माण कार्य रुकवा दिया। निर्माण कार्य में एनएचएआई के एक बाबू पर 15 फीसदी की रिश्वत लेने का आरोप भी प्रकाश में आया है।
मौके पर पहुंचे मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी और एसडीएम सदर अबुल कलाम ने ग्रामीणों को समझाया और एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की। दोपहर बाद जाकर निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया। प्रदर्शन करने वालों में मोहित पचौरी, ओमवती, जगदीश, सुभाष चंद्र, पीयूष दीक्षित, संजय वर्मा आदि मौजूद रहे।
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एक साल से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी तक जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है। बाईपास पर तब तक निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा जब तक मुआवजा नहीं मिलता। - पीयूष दीक्षित, ग्रामीण
मुआवजे के रूप में आधी रकम ही दी गई है। पूरा मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। वहीं मुआवजा लेने पर बाबू 15 फीसदी रिश्वत मांग रहे हैं। -संजय वर्मा, ग्रामीण
विरामपुर के लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मामला संज्ञान में हैं। ग्रामीणों की समस्या का जल्दी ही समाधान किया जाएगा। वहीं एनएचएआई के बाबू पर रिश्वत लेने के लगाए जा रहे आरोपों की जांच कराई जाएगी। - पीपी सिंह, डीजीएम, एनएचएआई।
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शहर का बाईपास विरामपुर से मानपुर गांव के बीच में बनाया जा रहा है। विरामपुर गांव के लोगों की जमीन भी बाईपास निर्माण में अधिग्रहण कर ली गई थी, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अभी तक इन किसानों का मुआवजा नहीं दिया है। वहीं कुछ लोग को आधा मुआवजा ही दिया गया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बाईपास का निर्माण कार्य रुकवा दिया। निर्माण कार्य में एनएचएआई के एक बाबू पर 15 फीसदी की रिश्वत लेने का आरोप भी प्रकाश में आया है।
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मौके पर पहुंचे मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी और एसडीएम सदर अबुल कलाम ने ग्रामीणों को समझाया और एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की। दोपहर बाद जाकर निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया। प्रदर्शन करने वालों में मोहित पचौरी, ओमवती, जगदीश, सुभाष चंद्र, पीयूष दीक्षित, संजय वर्मा आदि मौजूद रहे।
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एक साल से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी तक जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है। बाईपास पर तब तक निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा जब तक मुआवजा नहीं मिलता। - पीयूष दीक्षित, ग्रामीण
मुआवजे के रूप में आधी रकम ही दी गई है। पूरा मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। वहीं मुआवजा लेने पर बाबू 15 फीसदी रिश्वत मांग रहे हैं। -संजय वर्मा, ग्रामीण
विरामपुर के लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मामला संज्ञान में हैं। ग्रामीणों की समस्या का जल्दी ही समाधान किया जाएगा। वहीं एनएचएआई के बाबू पर रिश्वत लेने के लगाए जा रहे आरोपों की जांच कराई जाएगी। - पीपी सिंह, डीजीएम, एनएचएआई।