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अग्निकांडों से निपटने को नहीं दिख रहे इंतजाम

Sat, 28 Mar 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
ब्यूरो अमर उजाला एटा Updated Sat, 28 Mar 2015 11:53 PM IST
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एटा। साल दर साल अग्निकांड की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, उसके बाद भी इन घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। स्टाफ का टोटा व संसाधनों के अभाव का हवाला देने वाले विभाग के इंतजाम भी अभी तक दिखाई नहीं दे रहे हैं। लोगों को आग से खुद ही बचाव करना पड़ेगा। बता दें कि 2013 के मुकाबले 2014 में अग्निकांड की घटना काफी बढ़ी है। साथ ही लोगों को काफी नुकसान का सामना भी करना पड़ा है।
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गर्मी का मौसम आते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आग की घटनाएं आम हो जाती हैं, मगर इन्हें रोकने के लिए इस बार भी विभाग के कोई खास बंदोबस्त नजर नहीं आ रहे हैं। विभाग का दावा है कि बेशक स्टाफ, संसाधनों का अभाव है, मगर अग्निकांड की घटनाओं को रोकने में विभाग सक्षम है। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एफएसओ प्रथम, एफएसओ द्वितीय के साथ तीन फायरमैन पद रिक्त हैं। वर्तमान में फायरमैन 18 तैनात हैं। वहीं अलीगंज में भी स्टाफ नहीं है। चार गाड़ी के बजाए दो, तीन बोलेरो की जगह दो ही बोलेरो उपलब्ध हैं।
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वर्ष 2013 में हुई अग्निकांड की घटनाएं
अग्निकांड                 क्षति संपत्ति                          पशु मरे
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187                       64,45,100                           15
वर्ष 2014 में अग्निकांड
अग्निकांड                 क्षति संपत्ति                           पशु मरे
215                       80,80,200                            3
वर्ष 2015 में दो महीनों का हाल
06                       21 हजार
02                       15 हजार

विभाग पूरी तरह से अग्निकांड की घटनाओं से निपटने में सक्षम है। गर्मी के साथ ही विभाग ने तैयारी तेज कर दी हैं। साथ ही संबंधितों को दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
-  जगदीश नारायण दोहरे, सीएफओ एटा।

जलेसर, अलीगंज को नहीं मिली राहत
एटा। जलेसर में विभाग के पास जगह तो है, मगर शासन से फायर स्टेशन के लिए स्वीकृत नहीं मिली है। वर्ष 2009 में भेजा गया प्रस्ताव अभी भी पेडिंग में पड़ा हुआ है। वहीं अलीगंज में फायर स्टेशन स्वीकृत हो गया, मगर वहां स्टाफ, संसाधनों का अभाव रोड़ा बन रहा है। गर्मी के दौरान एक-एक यूनिट जलेसर, अलीगंज भेजी जाती है।


पानी का भी इंतजामात नहीं
एटा। शहर में 40 फायर हाईडेंट होते थे, मगर अब सब खत्म हो गए हैं। विभाग अब पालिका परिषद के लगे नौ ट्यूबवेल से पानी लेता है। इमरजेंसी पड़ने पर कासगंज रोड स्थित तीन फैक्ट्री यूनिटों से भी पानी लिया जाता है।  
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