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Etah News: एटा की 72 शत्रु संपत्तियों की नीलामी की तैयारी
Thu, 13 Aug 2026 11:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:56 PM IST
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एटा। शत्रु संपत्तियों पर सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद शासन ने इन संपत्तियों को किराए पर उठाने पर रोक लगा दी है। इनके लीज के नवीनीकरण को भी रोकने के आदेश दिए हैं। शासन के निर्देश पर प्रशासन एटा की 72 शत्रु संपत्तियों की जांच और नीलामी की तैयारी शुरू कर दी हैं।
भारत-पाक और भारत-चीन युद्ध के देश छोड़कर पाकिस्तान या चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों की छूटी हुईं संपत्तियाें को कानूनी रूप से शत्रु संपत्ति कहा जाता है। एटा जनपद में कुल 72 शत्रु संपत्तियां हैं। यह संपत्तियां पाकिस्तान में बसने वाले लोगों की ही हैं। यह एटा सदर और अलीगंज तहसील क्षेत्र में है। इनमें आवासीय और कृषि भूमि दोनों तरह की हैं। कुछ संपित्तयां खंडहर हो चुकी हैं। अधिकारियों का दावा है कि सभी शत्रु संपत्तियां पूर्व से ही प्रशासन के कब्जे में है। नए नियमों के तहत अब इन संपत्तियों को न तो कभी किराये पर दिया जाएगा और न ही इनकी लीज का नवीनीकरण किया जाएगा। अब नए निर्देशों के बाद प्रशासन ने नीलामी और अन्य औपचारिकताओं के लिए तैयारी शुरू कर दी है। नोडल अधिकारी और एसडीएम विपिन विपिन मोरल ने बताया कि तहसील स्तर पर टीमें बनाकर संपत्तियों की पुन: स्थिति की जांच कराई जाएगी। शासन के निर्देशानुसार नीलामी की प्रक्रिया कराई जाएगी।
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भारत-पाक और भारत-चीन युद्ध के देश छोड़कर पाकिस्तान या चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों की छूटी हुईं संपत्तियाें को कानूनी रूप से शत्रु संपत्ति कहा जाता है। एटा जनपद में कुल 72 शत्रु संपत्तियां हैं। यह संपत्तियां पाकिस्तान में बसने वाले लोगों की ही हैं। यह एटा सदर और अलीगंज तहसील क्षेत्र में है। इनमें आवासीय और कृषि भूमि दोनों तरह की हैं। कुछ संपित्तयां खंडहर हो चुकी हैं। अधिकारियों का दावा है कि सभी शत्रु संपत्तियां पूर्व से ही प्रशासन के कब्जे में है। नए नियमों के तहत अब इन संपत्तियों को न तो कभी किराये पर दिया जाएगा और न ही इनकी लीज का नवीनीकरण किया जाएगा। अब नए निर्देशों के बाद प्रशासन ने नीलामी और अन्य औपचारिकताओं के लिए तैयारी शुरू कर दी है। नोडल अधिकारी और एसडीएम विपिन विपिन मोरल ने बताया कि तहसील स्तर पर टीमें बनाकर संपत्तियों की पुन: स्थिति की जांच कराई जाएगी। शासन के निर्देशानुसार नीलामी की प्रक्रिया कराई जाएगी।
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