{"_id":"60e5a78e8ebc3ebf1f1f2c08","slug":"preliminary-qualifying-examination-will-be-held-in-50-schools-of-the-district-etah-news-agr4988261125","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 50 विद्यालयों में होगी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 50 विद्यालयों में होगी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। जिले के 50 विद्यालयों में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश सेवा चयन आयोग जिले में पहली बार ही यह परीक्षा करा रहा है। शासन ने जिले में परीक्षा केंद्र बनाने के लिए विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी है। इसमें मूलभूत सुविधाओं की जानकारी की जा रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने बुधवार को बताया कि जिले में पहली बार उत्तर प्रदेश सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हरता परीक्षा (पीईटी) 20 अगस्त को प्रस्तावित है। इसके लिए शासन द्वारा स्कूलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। तहसील अलीगंज, एटा और जलेसर में लेखपाल व कानूनगो की मदद से स्कूलों का सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 40 स्कूलों का सत्यापन हो चुका है। करीब 70 स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
देखी जा रहीं ये सुविधाएं
डीआईओएस ने बताया कि भौतिक सत्यापन के दौरान स्कूल में चारदीवारी, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, फर्नीचर के साथ महिला-पुरुष अभ्यर्थियों की तलाशी के लिए अलग-अलग कक्ष की व्यवस्था को देखा जा रहा है। इसके साथ ही स्कूल में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता की भी जानकारी ली जा रही है।
विज्ञापन
कोविड-19 गाइडलाइन का किया जाएगा पालन
डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराते हुए आयोजित की जाएगी। हालांकि शासन से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिले में कितने अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा दी जानी है।
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने बुधवार को बताया कि जिले में पहली बार उत्तर प्रदेश सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हरता परीक्षा (पीईटी) 20 अगस्त को प्रस्तावित है। इसके लिए शासन द्वारा स्कूलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। तहसील अलीगंज, एटा और जलेसर में लेखपाल व कानूनगो की मदद से स्कूलों का सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 40 स्कूलों का सत्यापन हो चुका है। करीब 70 स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
विज्ञापन
देखी जा रहीं ये सुविधाएं
डीआईओएस ने बताया कि भौतिक सत्यापन के दौरान स्कूल में चारदीवारी, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, फर्नीचर के साथ महिला-पुरुष अभ्यर्थियों की तलाशी के लिए अलग-अलग कक्ष की व्यवस्था को देखा जा रहा है। इसके साथ ही स्कूल में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता की भी जानकारी ली जा रही है।
विज्ञापन
कोविड-19 गाइडलाइन का किया जाएगा पालन
डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराते हुए आयोजित की जाएगी। हालांकि शासन से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिले में कितने अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा दी जानी है।