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Etah News: 18 घंटे तक घर में रखा रहा प्रदीप का शव
Wed, 27 Mar 2024 05:42 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 27 Mar 2024 05:42 PM IST
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एटा। थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव नगला मुरली में होलिका दहन के बाद सोमवार शाम गोलीकांड में प्रदीप की मौत हो गई। मंगलवार की शाम को उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया, लेकिन परिजन ने करीब 18 घंटे तक शव नहीं उठने दिया। बाद में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर परिजन माने और बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया।
ग्राम प्रधान महेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 7 बजे मृतक प्रदीप का शव गांव में पहुंचा, लेकिन उसके परिजन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। इसके साथ ही सरकारी सुविधाओं की मांग भी कर रहे थे।
वहीं मृतक की पत्नी रीता ने आरोप लगाया कि थाने के पुलिसकर्मी आरोपियों की मदद कर रहे हैं। उन्हें पकड़कर फांसी की सजा दिलाई जाए। मांग करते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण का खर्चा सरकार उठाए और आर्थिक मदद प्रदान करे। इसके बाद ही हम लोग अंतिम संस्कार होने देंगे। डीएम-एसएसपी को गांव में बुलाने की भी मांग करने लगे।
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बाद में क्षेत्राधिकारी अलीगंज सुधांशु शेखर ने गांव में पहुंचकर सभी को समझाया। तब जाकर लगभग 18 घंटे बाद बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान काफी भीड़ रही। बता दें कि मृतक प्रदीप के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बेटे की उम्र 5 वर्ष और बेटी की उम्र 3 वर्ष है।
प्रधान ने बताया कि हमारे आसपास तीन गांव ऐसे हैं जिनमें सुबह होलिका दहन होता है और शाम को आखत डालकर परिक्रमा की जाती है। नगला मुरली, नगला गुलरिया और खटुलिया में इस प्रकार की प्रथा काफी समय से चली आ रही है।
प्रदीप का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम को गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। सभी लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन ने मुख्य आरोपी जेल पुलिस कर्मी धीरेंद्र व अन्य साथियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव को रख लिया।
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20 दिन पहले एक और पुत्र की हुई थी मौत
प्रदीप के पिता औसान सिंह ने बताया कि करीब 20 दिन पहले उनके एक पुत्र की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसी सिलसिले में प्रदीप गांव में आया था। वह नोएडा में नौकरी करता था।
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घायलों की हालत खतरे से बाहर
इस गोलीकांड में प्रदीप के परिवार के राकेश, राजीव और विनय उर्फ विनीत भी घायल हुए थे। सीओ ने बताया कि तीनाें घायल सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
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दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में दो टीमें लगाई गईं हैं। जल्द ही उनको भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। शासन स्तर से जो भी सहायता संभव है, वो परिवार को दिलाने का प्रयास किया जाएगा। -सुधांशु शेखर
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ग्राम प्रधान महेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 7 बजे मृतक प्रदीप का शव गांव में पहुंचा, लेकिन उसके परिजन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। इसके साथ ही सरकारी सुविधाओं की मांग भी कर रहे थे।
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वहीं मृतक की पत्नी रीता ने आरोप लगाया कि थाने के पुलिसकर्मी आरोपियों की मदद कर रहे हैं। उन्हें पकड़कर फांसी की सजा दिलाई जाए। मांग करते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण का खर्चा सरकार उठाए और आर्थिक मदद प्रदान करे। इसके बाद ही हम लोग अंतिम संस्कार होने देंगे। डीएम-एसएसपी को गांव में बुलाने की भी मांग करने लगे।
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बाद में क्षेत्राधिकारी अलीगंज सुधांशु शेखर ने गांव में पहुंचकर सभी को समझाया। तब जाकर लगभग 18 घंटे बाद बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान काफी भीड़ रही। बता दें कि मृतक प्रदीप के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बेटे की उम्र 5 वर्ष और बेटी की उम्र 3 वर्ष है।
प्रधान ने बताया कि हमारे आसपास तीन गांव ऐसे हैं जिनमें सुबह होलिका दहन होता है और शाम को आखत डालकर परिक्रमा की जाती है। नगला मुरली, नगला गुलरिया और खटुलिया में इस प्रकार की प्रथा काफी समय से चली आ रही है।
प्रदीप का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम को गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। सभी लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन ने मुख्य आरोपी जेल पुलिस कर्मी धीरेंद्र व अन्य साथियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव को रख लिया।
20 दिन पहले एक और पुत्र की हुई थी मौत
प्रदीप के पिता औसान सिंह ने बताया कि करीब 20 दिन पहले उनके एक पुत्र की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसी सिलसिले में प्रदीप गांव में आया था। वह नोएडा में नौकरी करता था।
घायलों की हालत खतरे से बाहर
इस गोलीकांड में प्रदीप के परिवार के राकेश, राजीव और विनय उर्फ विनीत भी घायल हुए थे। सीओ ने बताया कि तीनाें घायल सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में दो टीमें लगाई गईं हैं। जल्द ही उनको भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। शासन स्तर से जो भी सहायता संभव है, वो परिवार को दिलाने का प्रयास किया जाएगा। -सुधांशु शेखर