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Etah News: आलू के दाम बेलगाम, शीतगृहों से निकासी नहीं कर रहे किसान
Fri, 19 Jul 2024 10:39 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 19 Jul 2024 10:39 PM IST
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शीतग्रह का निरीक्षण करते अधिकारी।
- फोटो : शीतग्रह का निरीक्षण करते अधिकारी।
एटा। शीतगृहों में किसानों ने आलू को डंप कर दिया है। इसकी वजह से भाव बेलगाम हो रहे हैं। ऐसे में गरीबों की थाली से आलू की सब्जी दूर होती जा रही है। उद्यान विभाग ने शीतगृह संचालकों से आलू निकासी पर जोर देने को कहा है।
जिले में 23 शीतगृह संचालित हो रहे हैं। इनमें 339790 मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था। इनमें किसान और व्यापारी शामिल थे। वर्तमान तक 188955 एमटी आलू की निकासी कर ली गई है, जो 26.35 फीसदी है। यह निकासी पिछले वर्ष की अपेक्षा 10 फीसदी कम है। अच्छा भाव होने की स्थिति में किसानों द्वारा आलू की निकासी नहीं की जा रही है। उन्हें उम्मीद है कि भाव और बढ़ सकते हैं। हालांकि जानकारों की मानें तो आलू का भाव उच्च स्तर पर पहुंच गया है, अब कीमतें गिरेंगी। अगर आलू की निकासी किसान नहीं करते हैं तो घाटा भी उठाना पड़ सकता है। इसके साथ ही सरकार भी दबाव बना सकती है। ऐसे में किसान और व्यापारियों को नुकसान की संभावना है।
शुक्रवार को जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने शीतगृहों का निरीक्षण कर आलू की स्थिति को जाना। संचालकों को निर्देश दिए कि किसानों को आलू निकासी करने के दौरान किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाए। उनको आलू निकासी करने दी जाए। ताकि किसान आलू के भाव का फायदा उठा सकें। निकासी करने से किसानों को फायदा होगा। अगर रोका जाता है तो नुकसान की संभावना है। अभी तक पिछले वर्ष की अपेक्षा निकासी दर 10 फीसदी कम है।
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जिले में 23 शीतगृह संचालित हो रहे हैं। इनमें 339790 मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था। इनमें किसान और व्यापारी शामिल थे। वर्तमान तक 188955 एमटी आलू की निकासी कर ली गई है, जो 26.35 फीसदी है। यह निकासी पिछले वर्ष की अपेक्षा 10 फीसदी कम है। अच्छा भाव होने की स्थिति में किसानों द्वारा आलू की निकासी नहीं की जा रही है। उन्हें उम्मीद है कि भाव और बढ़ सकते हैं। हालांकि जानकारों की मानें तो आलू का भाव उच्च स्तर पर पहुंच गया है, अब कीमतें गिरेंगी। अगर आलू की निकासी किसान नहीं करते हैं तो घाटा भी उठाना पड़ सकता है। इसके साथ ही सरकार भी दबाव बना सकती है। ऐसे में किसान और व्यापारियों को नुकसान की संभावना है।
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शुक्रवार को जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने शीतगृहों का निरीक्षण कर आलू की स्थिति को जाना। संचालकों को निर्देश दिए कि किसानों को आलू निकासी करने के दौरान किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाए। उनको आलू निकासी करने दी जाए। ताकि किसान आलू के भाव का फायदा उठा सकें। निकासी करने से किसानों को फायदा होगा। अगर रोका जाता है तो नुकसान की संभावना है। अभी तक पिछले वर्ष की अपेक्षा निकासी दर 10 फीसदी कम है।
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