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पोर्टिबिलटी सुविधा का2200 कार्ड धारकों ने उठाया फायदा
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एटा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लागू हुई पोर्टेबिलिटी की नई व्यवस्था ने तमाम राशन डीलरों की कार्य शैली की हकीकत उजागर की है। इस माह 2200 कार्ड धारकों ने इस सुविधा का फायदा उठाया है।
पूर्ति विभाग ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पोर्र्टेबिलिटी की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत कार्ड धारकों को सुविधा दी गई है कि अपने डीलर से असंतुष्ट होने या राशन वितरण सही होने की स्थिति में जिले की किसी भी दुकान से राशन ले सकते हैं। यह पूरी व्यवस्था राशन कार्ड धारकों के आधार कार्ड से लिंक होने के साथ डिजिटिलाइजेशन और राशन डीलरों पर पीएसओ प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीन पर आधारित है।
कार्ड धारक के मशीन पर अंगूठा लगाते ही उसके कार्ड का पूरा विवरण मशीन में आ जाता है। पूर्व में कार्ड धारक को बाध्यता थी कि निर्धारित डीलर के यहां से ही राशन लेगा। इसके चलते तमाम डीलर मनमानी करते थे। वितरण में गड़बड़ी व अभद्र व्यवहार की शिकायतें आम बात थी।
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नई व्यवस्था में डीलरों को दरकिनार करने का विकल्प दिया गया है। इसका फायदा परेशान कार्ड धारक उठाने लगे हैं। वैसे यह व्यवस्था जिले के शहरी क्षेत्र में अगस्त व ग्रामीण क्षेत्र में नवंबर से चालू हो चुकी है, लेकिन इस माह सबसे ज्यादा कार्ड धारकों ने इस योजना का फायदा उठाया है। जहां शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अंत्योदय कार्ड धारकों में 168 व पात्र गृहस्थी में 2086 कार्ड धारकों ने पोर्टेबिलिटी का लाभ लिया है।
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कम वितरण वाले डीलरों की हो रही स्क्रीनिंग
पोर्टेबिलिटी योजना महत्वपूर्ण है। कार्ड धारक अपनी इच्छा के अनुसार डीलर से राशन ले रहे हैं। वहीं कम राशन वितरण वाले डीलरों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
-राजीव कुमार मिश्रा, डीएसओ
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पूर्ति विभाग ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पोर्र्टेबिलिटी की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत कार्ड धारकों को सुविधा दी गई है कि अपने डीलर से असंतुष्ट होने या राशन वितरण सही होने की स्थिति में जिले की किसी भी दुकान से राशन ले सकते हैं। यह पूरी व्यवस्था राशन कार्ड धारकों के आधार कार्ड से लिंक होने के साथ डिजिटिलाइजेशन और राशन डीलरों पर पीएसओ प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीन पर आधारित है।
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कार्ड धारक के मशीन पर अंगूठा लगाते ही उसके कार्ड का पूरा विवरण मशीन में आ जाता है। पूर्व में कार्ड धारक को बाध्यता थी कि निर्धारित डीलर के यहां से ही राशन लेगा। इसके चलते तमाम डीलर मनमानी करते थे। वितरण में गड़बड़ी व अभद्र व्यवहार की शिकायतें आम बात थी।
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नई व्यवस्था में डीलरों को दरकिनार करने का विकल्प दिया गया है। इसका फायदा परेशान कार्ड धारक उठाने लगे हैं। वैसे यह व्यवस्था जिले के शहरी क्षेत्र में अगस्त व ग्रामीण क्षेत्र में नवंबर से चालू हो चुकी है, लेकिन इस माह सबसे ज्यादा कार्ड धारकों ने इस योजना का फायदा उठाया है। जहां शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अंत्योदय कार्ड धारकों में 168 व पात्र गृहस्थी में 2086 कार्ड धारकों ने पोर्टेबिलिटी का लाभ लिया है।
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कम वितरण वाले डीलरों की हो रही स्क्रीनिंग
पोर्टेबिलिटी योजना महत्वपूर्ण है। कार्ड धारक अपनी इच्छा के अनुसार डीलर से राशन ले रहे हैं। वहीं कम राशन वितरण वाले डीलरों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
-राजीव कुमार मिश्रा, डीएसओ