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फीवर हेल्प डेस्क को ही हेल्प की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:06 AM IST
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मलेरिया-वायरल का प्रकोप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मलेरिया-वायरल का प्रकोप बढ़ रहा है। बुखार रोगी चिकनगुनिया से डरे हुए हैं। शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे करीब 1500 मरीजों में 10 फीसद ने चिकनगुनिया से पीड़ित होने की शिकायत कर अपनी जांच कराई। जिले मेें मलेरिया के 76 और वायरल के 200 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं इसकी रोकथाम को बनी फीवर हेल्प डेस्क काम नहीं कर रही। यहां न तो डाक्टरों की नियमित तैनाती है और न ही कर्मचारी की।
जिले में निजी चिकित्सक चिकिनगुनिया फैलने की पुष्टि कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग को अभी तक एक भी रोगी नहीं मिला है। मलेरिया और वायरल से निपटने के लिए शासन के आदेश पर जिला अस्पताल के कक्ष संख्या नौ में रोगी सहायता केंद्र को फीवर हेल्प डेस्क बना दिया गया है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने इसका हाल देखा तो सहायता केंद्र की खिड़की बंद नजर आई। करीब 12 बजे का समय था दूर दराज से आए रोगी परामर्श के लिए सुबह से इंतजार कर रहे थे। सहायता केंद्र में तैनात डाक्टर कहां हैं कोई नहीं बता पा रहा था। वहीं ओपीडी मेें मरीजों की लंबी कतारें थीं। अधिकतर मरीज चिकनगुनिया है कि नहीं इसकी जांच को पैथोलॉजी पहुंच रहे थे।
कहते हैं डाक्टर
चिकनगुनिया का कोई मामला सामने नहीं आया है, हालांकि मरीज इसकी जांच जरूर करा रहे हैं। वायरल - मलेरिया के रोगी ज्यादा हैं। हेल्प डेस्क शुरू कर दी गई है, यदि डाक्टर वहां नहीं बैठ रहे तो दिखवाकर कार्रवाई कराता हूं।
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डा. एके चतुर्वेदी, सीएमएस, जिला अस्पताल
-----------
चिकनगुनिया के कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन गंभीर स्थिति देखने को नहीं मिली है। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
डा. शैलेंद्र जैन, वरिष्ठ चिकित्सक
चिकनगुनिया के लक्षण
- रोगी को बुखार हो जाता है जो 39 से लेकर 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। बहुत तेज सर्दी, उल्टी, चक्कर और सिरदर्द होता है।
- जोड़ों में तेज दर्द होता है जो लंबे समय तक खिंच सकता है। मांसपेशियों में भयंकर दर्द हेाता है। दर्द दोनों हाथों और दोनों पैरों में होता है।
- आंखों में दर्द, रोशनी में देखने में दिक्कत, धड़ - हाथों-पैर चेहरे, हथेलियों और तलवों पर चकत्ते नजर आ सकते हैं।
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जिले में निजी चिकित्सक चिकिनगुनिया फैलने की पुष्टि कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग को अभी तक एक भी रोगी नहीं मिला है। मलेरिया और वायरल से निपटने के लिए शासन के आदेश पर जिला अस्पताल के कक्ष संख्या नौ में रोगी सहायता केंद्र को फीवर हेल्प डेस्क बना दिया गया है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने इसका हाल देखा तो सहायता केंद्र की खिड़की बंद नजर आई। करीब 12 बजे का समय था दूर दराज से आए रोगी परामर्श के लिए सुबह से इंतजार कर रहे थे। सहायता केंद्र में तैनात डाक्टर कहां हैं कोई नहीं बता पा रहा था। वहीं ओपीडी मेें मरीजों की लंबी कतारें थीं। अधिकतर मरीज चिकनगुनिया है कि नहीं इसकी जांच को पैथोलॉजी पहुंच रहे थे।
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कहते हैं डाक्टर
चिकनगुनिया का कोई मामला सामने नहीं आया है, हालांकि मरीज इसकी जांच जरूर करा रहे हैं। वायरल - मलेरिया के रोगी ज्यादा हैं। हेल्प डेस्क शुरू कर दी गई है, यदि डाक्टर वहां नहीं बैठ रहे तो दिखवाकर कार्रवाई कराता हूं।
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डा. एके चतुर्वेदी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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चिकनगुनिया के कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन गंभीर स्थिति देखने को नहीं मिली है। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
डा. शैलेंद्र जैन, वरिष्ठ चिकित्सक
चिकनगुनिया के लक्षण
- रोगी को बुखार हो जाता है जो 39 से लेकर 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। बहुत तेज सर्दी, उल्टी, चक्कर और सिरदर्द होता है।
- जोड़ों में तेज दर्द होता है जो लंबे समय तक खिंच सकता है। मांसपेशियों में भयंकर दर्द हेाता है। दर्द दोनों हाथों और दोनों पैरों में होता है।
- आंखों में दर्द, रोशनी में देखने में दिक्कत, धड़ - हाथों-पैर चेहरे, हथेलियों और तलवों पर चकत्ते नजर आ सकते हैं।