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पढ़े भारत अभियान : बच्चों की बेहतर कराई जाएगी पढ़ाई
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एटा। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विद्यालयों को बंद रखा गया है। जिससे तमाम बच्चे पढ़ाई से पिछड़ रहे हैं। इन्हें पढ़े भारत अभियान से जोड़कर पढ़ाई बेहतर कराई जाएगी। 100 दिनों तक यह अभियान चलाया जा रहा है। ऑनलाइन क्लासों में अभिभावकों को भी जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है ताकि उनकी मौजूदगी में बच्चे बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकें।
बीएसए संजय सिंह ने बताया कि बाल वाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्र नई शिक्षा नीति के तहत पढ़े भारत से जुड़ेंगे। इससे छात्रों में रचनात्मकता, चिंतन, शब्दावली के साथ-साथ मौखिक व लिखित दोनों तरह की क्षमता को विकसित करना है। इससे अभिभावकों को जोड़ा जाएगा ताकि उनकी निगरानी में बच्चे बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकें। निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षा मंत्रालय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संविलियित एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में राष्ट्रव्यापाी 100 दिन अभियान संचालन करा रहा है, जो बच्चों को उनके परिवेश और वास्तविक जीवन की स्थिति से जोड़ने में सहायक हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि प्राथमिक विद्यालयों में सार्वभौमिक आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान हासिल करना सर्वोच्च प्राथमिकता में होनी चाहिए।
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बीएसए संजय सिंह ने बताया कि बाल वाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्र नई शिक्षा नीति के तहत पढ़े भारत से जुड़ेंगे। इससे छात्रों में रचनात्मकता, चिंतन, शब्दावली के साथ-साथ मौखिक व लिखित दोनों तरह की क्षमता को विकसित करना है। इससे अभिभावकों को जोड़ा जाएगा ताकि उनकी निगरानी में बच्चे बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकें। निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षा मंत्रालय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संविलियित एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में राष्ट्रव्यापाी 100 दिन अभियान संचालन करा रहा है, जो बच्चों को उनके परिवेश और वास्तविक जीवन की स्थिति से जोड़ने में सहायक हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि प्राथमिक विद्यालयों में सार्वभौमिक आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान हासिल करना सर्वोच्च प्राथमिकता में होनी चाहिए।
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