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‘वन रैंक-वन पेंशन लागू होने पर ही मिलेगा न्याय’

Tue, 16 Jun 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
ब्यूरो, अमर उजाला एटा Updated Tue, 16 Jun 2015 11:36 PM IST
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'One rank -one pension will be applicable only on the judge '
वन रैंक- वन पेंशन की मांग जनपद में जोर पकड़ रही है। स्थानीय पूर्व सैनिक मांग को लेकर  आंदोलन की राह पर हैं। सर्वाधिक असंतोष दशकों पूर्व सेवानिवृत हुए लोगों में है। इनका कहना है कि एक ही पद से वर्षों पूर्व सेवानिवृत्त हुए सैनिक आज के सैनिक से कहीं कम पेंशन पा रहे हैं। बताते चलें कि जिले में दस हजार से अधिक पूर्व सैनिक हैं। जबकि इससे कई गुना अधिक सेवारत हैं।
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दशकों पूर्व सेवानिवृत्त हुए सैनिक एवं सैन्य अधिकारी पेंशन भुगतान में पिछड़ रहे हैं। उन्हें वर्तमान की तुलना में काफी कम भुगतान हो रहा है। छठे वेतन आयोग के बाद महंगाई मूल वेतन में जुड़ने के चलते बेसिक कहीं अधिक हो गया। जबकि पूर्व में नाम मात्र के बेसिक पर महंगाई वृद्घि भी न्यूनतम रहती है।
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- मेजर एसएस भदौरिया, सेवानिवृत सैन्य अधिकारी, एटा

सेना की वन रैंक-वन पेंशन की मांग पुरानी है। हम समान पद के लिए समान पेंशन की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर देशव्यापी आंदोलन शुरू हो गया है। हालांकि पूर्व यूपीए सरकार में भी इस पर सहमति बन गई थी। लेकिन लागू नहीं हो सकी।
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- सूबेदार मेजर गंगा सिंह आर्य, सेवानिवृत्त, एटा

तकनीकी परेशानियां
पूर्व सैनिक एवं गौरव सेनानी वेलफेयर एसोसिएशन के विजय सिंह यादव के अनुसार व्यवस्था लागू करने के लिए कुछ बाधाएं आ रही हैं। इनमें सेवा कार्यकाल की समस्या भी है। एक रैंक के बाद भी अधिकतम सेवाकाल वाले का पेंशन निर्धारण अंतिम वेतन के आधार पर अधिक होगा। जो वन रैंक वन पेंशन के आड़े आ रहा है। इनके अनुसार कुछ कोर में पदोन्नति जल्दी होती है जबकि कुछ में ऐसा नहीं है। इसके चलते भी वेतन एवं पेंशन प्रभावित रहती है।

पूर्व सैनिकों ने शुरू किया क्रमिक अनशन
वन रैंक-वन पेंशन की मांग कर रहे पूर्व सैनिकों ने मंगलवार को क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। कलेक्ट्रेट सभा स्थल पर पूर्व सैनिकों ने कैप्टन सत्यदेव सिंह की अध्यक्षता में अनशन शुरू किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि दशकों पुरानी मांग पर अब निर्णय होकर रहेगा। न्याय न मिलने तक अनशन जारी रहेगा। पूर्व सैनिकों में कैप्टन रामवीर सिंह, विजय सिंह यादव, गंगा सिंह आर्य, हवलदार केपी सिंह, नैनसुख, सुरेश चंद्र, निहाल सिंह, रविलाल सिंह, सुगर सिंह, पीके पांडे, रामखिलाड़ी, राम अवतार, खूब सिंह आदि प्रमुख हैं।


कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ ने दिया समर्थन
कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। आंदोलन स्थल पर पदाधिकारियों के साथ पहुंचे जिलाध्यक्ष चोब सिंह बघेल ने कहा कि सैनिकों के इस संघर्ष में कांग्रेस उनके साथ है। सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार यादव ने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन आंदोलन को पार्टी का पूरा समर्थन है।
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