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जेल में रहकर चुनाव में दखल आसान नहीं
Amar Ujala
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:55 PM IST
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जेल
- फोटो : Amar Ujala
जिला कारागार में रहकर चुनावी तीर चलाने वाले बंदियों पर इस बार जेल प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर बनी है। एडीजी जेल गोपाल लाल मीणा ने जेल में निरुद्ध बंदियों की निगरानी, तलाशी और तस्दीक के निर्देश दिए हैं।
जिला कारागार में शैलेंद्र अग्रवाल से लेकर आसपास जिलों के तमाम आरोपी सियासी नेताओं से जुडे़ लोग निरुद्ध हैं। इनमें तमाम ऐसे भी हैं, जो जेल में रहते हुए भी चुनावी जोड़तोड़ करते हैं।
नेता भी जेल मे बंद रसूखदारों का इस्तेमाल मतदाताओं को धमकाने आदि में करते रहे हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव को देखते हुए एडीजी जेल गोपाल लाल मीणा ने जेल अधीक्षक को जिला कारागार में निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। निर्देश पर जेल में रहकर चुनाव प्रभावित करते वालों की निगरानी बढ़ा दी है। जेल अधीक्षक केके सिंह ने बताया कि रोजाना बंदियों की तलाशी, गिनती और तस्दीक कराने के साथ उनसे मिलाई करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
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मुलाकातियों की बनाई जा रही सूची
जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रशासनिक आधार पर जिला कारागार में आसपास के जिलों से करीब 25 अपराधी ट्रांसफर होकर आए हैं। इनमें एक दर्जन रसूखदार भी शामिल हैं। इनमें कुछ को चुनाव आचार संहिता लगने से पहले कुछ बड़े अपराधियों को कासगंज जेल में शिफ्ट किया जा चुका है। इधर, चुनाव को देखते हुए बंदी पर नजर रखी जा रही है। बंदियों से मुलाकातियों की भी सूची तैयार की जा रही है। कहीं कुछ बी गड़बड़ होने पर बंदियों और उनके मुलाकातियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला कारागार में शैलेंद्र अग्रवाल से लेकर आसपास जिलों के तमाम आरोपी सियासी नेताओं से जुडे़ लोग निरुद्ध हैं। इनमें तमाम ऐसे भी हैं, जो जेल में रहते हुए भी चुनावी जोड़तोड़ करते हैं।
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नेता भी जेल मे बंद रसूखदारों का इस्तेमाल मतदाताओं को धमकाने आदि में करते रहे हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव को देखते हुए एडीजी जेल गोपाल लाल मीणा ने जेल अधीक्षक को जिला कारागार में निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। निर्देश पर जेल में रहकर चुनाव प्रभावित करते वालों की निगरानी बढ़ा दी है। जेल अधीक्षक केके सिंह ने बताया कि रोजाना बंदियों की तलाशी, गिनती और तस्दीक कराने के साथ उनसे मिलाई करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
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मुलाकातियों की बनाई जा रही सूची
जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रशासनिक आधार पर जिला कारागार में आसपास के जिलों से करीब 25 अपराधी ट्रांसफर होकर आए हैं। इनमें एक दर्जन रसूखदार भी शामिल हैं। इनमें कुछ को चुनाव आचार संहिता लगने से पहले कुछ बड़े अपराधियों को कासगंज जेल में शिफ्ट किया जा चुका है। इधर, चुनाव को देखते हुए बंदी पर नजर रखी जा रही है। बंदियों से मुलाकातियों की भी सूची तैयार की जा रही है। कहीं कुछ बी गड़बड़ होने पर बंदियों और उनके मुलाकातियों पर कार्रवाई की जाएगी।