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एटा: कोच नहीं, पीआरडी जवान दे रहा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण
Mon, 20 Feb 2023 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:15 PM IST
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एटा। विकास खंड निधौली कलां में बने स्टेडियम में कोई कोच नहीं है, इसकी वजह से खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। यहां पर तैनात एक पीआरडी जवान ही कोच की भूमिका निभा रहा है। इसके सहारे ही खिलाड़ी अपना अभ्यास कर रहें हैं।
रफतनगर सैंथरा में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण किया गया है। पिछले वर्ष क्षेत्रीय युवा कल्याण विभाग की ओर से खेलों का आयोजन भी कराया गया। प्रतियोगिताएं समाप्त होने के बाद यहां पर खिलाड़ी अपने खेल का अभ्यास करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कोई कोच नहीं होने की वजह से खिलाड़ी मायूस नजर आते हैं।
यहां पर पीआरडी का एक जवान तैनात है जो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का काम करता है। पीआरडी जवान अजब सिंह खिलाड़ियों को दौड़, लंबी कूद, कबड्डी, बैडमिंटन व बॉलीबाल आदि खेलों के बारे में जानकारी देते है, लेकिन खिलाड़ियों को कोई प्रशिक्षित कोच नहीं मिल पा रहा है।
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क्रिकेट सामग्री भी नहीं मौजूद
स्टेडियम में जिला युवा कल्याण विभाग की ओर से बॉलीबाल, बैडमिंटन, रस्सी कूद समेत अन्य खेलों का सामान उपलब्ध कराया गया है, लेकिन यहां पर अधिकांश खिलाड़ी क्रिकेट खेलने के शौकीन है। जिन्हें क्रिकेट से संबंधित कोई खेल सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती है। अपने स्वयं के संसाधन से ही यहां पर अभ्यास करते नजर आते हैं।
स्टेडियम में कोई कोच नहीं है जिसकी वजह से ठीक से प्रशिक्षण नहीं मिल पाता है। स्वयं के द्वारा ही जो अभ्यास कर लें उतने से ही संतोष होना पड़ता है। - जितेंद्र कुमार, पृथ्वीपुर
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करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम का निर्माण कराया है, लेकिन कोई कोच नहीं है। अगर यहां कोच की व्यवस्था हो तो कई खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं। - मिंटू सिंह राजपूत, नगला अगरू
विभाग की ओर से अभी तक स्टेडियम में कोई कोच नहीं है। हालांकि वहां पर एक पीआरडी जवान की तैनाती की गई है जो खिलाड़ियों को खेलने का अभ्यास करा रहे हैं। - अनीश कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी
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रफतनगर सैंथरा में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण किया गया है। पिछले वर्ष क्षेत्रीय युवा कल्याण विभाग की ओर से खेलों का आयोजन भी कराया गया। प्रतियोगिताएं समाप्त होने के बाद यहां पर खिलाड़ी अपने खेल का अभ्यास करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कोई कोच नहीं होने की वजह से खिलाड़ी मायूस नजर आते हैं।
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यहां पर पीआरडी का एक जवान तैनात है जो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का काम करता है। पीआरडी जवान अजब सिंह खिलाड़ियों को दौड़, लंबी कूद, कबड्डी, बैडमिंटन व बॉलीबाल आदि खेलों के बारे में जानकारी देते है, लेकिन खिलाड़ियों को कोई प्रशिक्षित कोच नहीं मिल पा रहा है।
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क्रिकेट सामग्री भी नहीं मौजूद
स्टेडियम में जिला युवा कल्याण विभाग की ओर से बॉलीबाल, बैडमिंटन, रस्सी कूद समेत अन्य खेलों का सामान उपलब्ध कराया गया है, लेकिन यहां पर अधिकांश खिलाड़ी क्रिकेट खेलने के शौकीन है। जिन्हें क्रिकेट से संबंधित कोई खेल सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती है। अपने स्वयं के संसाधन से ही यहां पर अभ्यास करते नजर आते हैं।
स्टेडियम में कोई कोच नहीं है जिसकी वजह से ठीक से प्रशिक्षण नहीं मिल पाता है। स्वयं के द्वारा ही जो अभ्यास कर लें उतने से ही संतोष होना पड़ता है। - जितेंद्र कुमार, पृथ्वीपुर
करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम का निर्माण कराया है, लेकिन कोई कोच नहीं है। अगर यहां कोच की व्यवस्था हो तो कई खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं। - मिंटू सिंह राजपूत, नगला अगरू
विभाग की ओर से अभी तक स्टेडियम में कोई कोच नहीं है। हालांकि वहां पर एक पीआरडी जवान की तैनाती की गई है जो खिलाड़ियों को खेलने का अभ्यास करा रहे हैं। - अनीश कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी