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बूस्टर डोज लगाने के लिए कोई अस्पताल नहीं आया आगे
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एटा। 18 वर्ष से अधिक उम्र वालों को निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाने के लिए सरकार ने व्यवस्था की है, लेकिन जिले का एक भी निजी अस्पताल इसके लिए आगे नहीं आया। जबकि 12 लाख से अधिक लोगों को बूस्टर डोज लगाई जानी हैं। इसके लिए लोगों को भुगतान भी करना होगा।
कोरोना की दोनों डोज लगवाने वाले 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज लगवाकर और अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 10 अप्रैल से बूस्टर डोज शुरू की जा चुकी है। 18 से 59 वर्ष के लिए निजी खर्चे पर ही बूस्टर डोज उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि फ्रंटलाइन वर्कर, स्वास्थ्य कर्मी और 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों को शासन की ओर से अभी भी बूस्टर डोज निशुल्क दी जा रही है। अब तक जिले में तीनों ही श्रेणियों के 173335 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा चुकी है।
कुल संख्या के 12.24 फीसदी लोग ही बूस्टर डोज लगवा पाए हैं। निजी हाथों में बूस्टर डोज देने की बात सरकार द्वारा की गई और इसकी कीमत भी निर्धारित कर दी गई, लेकिन जिले के किसी भी चिकित्सक द्वारा कोरोना की बूस्टर डोज अपने पास रखने की व्यवस्था नहीं की गई। इसकी वजह से 18 से 59 वर्ष के लोग बूस्टर डोज नहीं लगवा पा रहे है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राम सिंह ने बताया कि जिले में कोई भी चिकित्सक बूस्टर डोज लेकर नहीं आया है। कुछ चिकित्सकों से वार्ता की गई है।
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कोरोना की दोनों डोज लगवाने वाले 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज लगवाकर और अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 10 अप्रैल से बूस्टर डोज शुरू की जा चुकी है। 18 से 59 वर्ष के लिए निजी खर्चे पर ही बूस्टर डोज उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि फ्रंटलाइन वर्कर, स्वास्थ्य कर्मी और 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों को शासन की ओर से अभी भी बूस्टर डोज निशुल्क दी जा रही है। अब तक जिले में तीनों ही श्रेणियों के 173335 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा चुकी है।
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कुल संख्या के 12.24 फीसदी लोग ही बूस्टर डोज लगवा पाए हैं। निजी हाथों में बूस्टर डोज देने की बात सरकार द्वारा की गई और इसकी कीमत भी निर्धारित कर दी गई, लेकिन जिले के किसी भी चिकित्सक द्वारा कोरोना की बूस्टर डोज अपने पास रखने की व्यवस्था नहीं की गई। इसकी वजह से 18 से 59 वर्ष के लोग बूस्टर डोज नहीं लगवा पा रहे है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राम सिंह ने बताया कि जिले में कोई भी चिकित्सक बूस्टर डोज लेकर नहीं आया है। कुछ चिकित्सकों से वार्ता की गई है।
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