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नहीं बने रैन बसेरे, फुटपाथ पर कट रही रात
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जीटी रोड स्थित कचहरी मोड़ पर ठेल पर सोता एक व्यक्ति ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। शहर में अभी तक रैन बसेरे नहीं बने हैं। बेघर लोग फुटपाथ पर रात काटने को मजबूर हैं। सर्दी बढ़ गई, ऐसे में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर से रोडवेज बस स्टैंड पर लोग ज्यादा असहाय नजर आते हैं। जिन लोगों को शाम तक बस नहीं मिल पाती, उनके लिए रात काटने की मजबूरी हो जाती है।
आमतौर पर यहां नगर पालिका अस्थायी रैन बसेरा बनवाती है, लेकिन इस बार अभी तक नहीं बनाया गया है। ऐसे में यात्री, रिक्शा चालक, हथठेल व्यापारी आदि लोग बमुश्किल रात काट पा रहे हैं।
दृश्य :1
रात 11 बजे, रोडवेज बस स्टैंड
यहां दिन में पैर रखने के लिए जगह नहीं मिलती है, लेकिन रात में सन्नाटा था। हथठेल वाले ठेल और आसपास की दुकानों के चबूतरों पर लेते हुए थे। वहीं कंबल, चादर ओढ़कर सो कम रहे ठिठुर ज्यादा रहे हैं। बस स्टैंड के अंदर तमाम लोग बस के इंतजार में जमीन पर लेटे हुए थे।
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दृश्य : 2
रात 11.15 बजे, आगरा रोड
आगरा से बरेली का सफर कराने वाले राजमार्ग का यह टुकड़ा रात में वीरान पड़ा हुआ है। सड़क किनारों पर दुकानों के चबूतरों और बरामदों में कुछ बेघर लोग पनाह लिए हुए हैं। कुछ रिक्शा चालक रिक्शों पर ही सिकुड़े हुए रात काटने की कोशिश में ठंड से संघर्ष कर रहे हैं।
दृश्य : 3
रात 11.30 बजे, जीटी रोड पर कचहरी मोड़
यह भी दिन के समय भीड़भाड़ वाला इलाका है। रात में यहां न राहगीर हैं और न व्यापारी। बस कुछ लोग मजबूरी में ठेल पर लेटे हुए हैं। अधजगे एक व्यक्ति ने पूछने पर बताया कि फड़ लगाते हैं। कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए ठेल पर सो गए। रजाई अपने साथ रखते हैं।
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आमतौर पर यहां नगर पालिका अस्थायी रैन बसेरा बनवाती है, लेकिन इस बार अभी तक नहीं बनाया गया है। ऐसे में यात्री, रिक्शा चालक, हथठेल व्यापारी आदि लोग बमुश्किल रात काट पा रहे हैं।
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दृश्य :1
रात 11 बजे, रोडवेज बस स्टैंड
यहां दिन में पैर रखने के लिए जगह नहीं मिलती है, लेकिन रात में सन्नाटा था। हथठेल वाले ठेल और आसपास की दुकानों के चबूतरों पर लेते हुए थे। वहीं कंबल, चादर ओढ़कर सो कम रहे ठिठुर ज्यादा रहे हैं। बस स्टैंड के अंदर तमाम लोग बस के इंतजार में जमीन पर लेटे हुए थे।
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रात 11.15 बजे, आगरा रोड
आगरा से बरेली का सफर कराने वाले राजमार्ग का यह टुकड़ा रात में वीरान पड़ा हुआ है। सड़क किनारों पर दुकानों के चबूतरों और बरामदों में कुछ बेघर लोग पनाह लिए हुए हैं। कुछ रिक्शा चालक रिक्शों पर ही सिकुड़े हुए रात काटने की कोशिश में ठंड से संघर्ष कर रहे हैं।
दृश्य : 3
रात 11.30 बजे, जीटी रोड पर कचहरी मोड़
यह भी दिन के समय भीड़भाड़ वाला इलाका है। रात में यहां न राहगीर हैं और न व्यापारी। बस कुछ लोग मजबूरी में ठेल पर लेटे हुए हैं। अधजगे एक व्यक्ति ने पूछने पर बताया कि फड़ लगाते हैं। कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए ठेल पर सो गए। रजाई अपने साथ रखते हैं।