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मंदिरों की देहरी पर माता रानी की पूजा कर लौट रहे श्रद्धालु
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भगीपुर स्थित बंद माता मंदिर के बाहर पूजा-अर्चना करती महिला। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा/जलेसर। नवरात्र पर लॉकडाउन से महिलाएं और किशोरियां मंदिरों में पूजा-अर्चना नहीं कर पा रही हैं। वह मंदिर तक जा तो रही हैं और कपाट बंद होने पर बाहर देहरी पर माता रानी की पूजाकर लौट रही हैं। इस दौरान मंदिर के पुजारी वहीं से दक्षिणा लेकर लोगों को तिलक और कलावा बांध रहे हैं।
कोरोना वायरस के चलते लोगों की भीड़ पर लगाम के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख कैलाश मंदिर, पथवारी मंदिर, जनता दुर्गा मंदिर सहित सभी मंदिरों को बंद करा दिया है। इसके चलते नवरात्र में दूरदराज के भक्त भले ही इन मंदिरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, लेकिन इलाके के श्रद्धालु घरों में पूजन के बाद मंदिर जरूर जा रहे हैं।
जलेसर में मां पथवारी मंदिर में कोरोना वायरस के चलते कपाट बंद हैं और लोग पूजन को नहीं पहुंच पा रहे हैं। नगर के प्रमुख मां पथवारी मंदिर में नवदुर्गा महोत्सव के तहत ताला लगा होने से लोग पूजन नहीं कर पा रहे हैं। इसका उन्हें मलाल है। धर्म प्रेमी मंदिर के दरवाजे एवं बाहरी दीवार पर मौजूद मूर्तियां पर ही जल चढ़ाकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। यही हाल है चिंताहरण महादेव मंदिर का है। यहां सिर्फ सुबह-शाम आरती हो रही है। अन्य समय में मंदिर में ताले पड़े हैं।
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कोरोना वायरस के चलते लोगों की भीड़ पर लगाम के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख कैलाश मंदिर, पथवारी मंदिर, जनता दुर्गा मंदिर सहित सभी मंदिरों को बंद करा दिया है। इसके चलते नवरात्र में दूरदराज के भक्त भले ही इन मंदिरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, लेकिन इलाके के श्रद्धालु घरों में पूजन के बाद मंदिर जरूर जा रहे हैं।
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जलेसर में मां पथवारी मंदिर में कोरोना वायरस के चलते कपाट बंद हैं और लोग पूजन को नहीं पहुंच पा रहे हैं। नगर के प्रमुख मां पथवारी मंदिर में नवदुर्गा महोत्सव के तहत ताला लगा होने से लोग पूजन नहीं कर पा रहे हैं। इसका उन्हें मलाल है। धर्म प्रेमी मंदिर के दरवाजे एवं बाहरी दीवार पर मौजूद मूर्तियां पर ही जल चढ़ाकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। यही हाल है चिंताहरण महादेव मंदिर का है। यहां सिर्फ सुबह-शाम आरती हो रही है। अन्य समय में मंदिर में ताले पड़े हैं।
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