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Etah News: बेखबर वन विभाग, नहर की पटरी पर जमकर हो रहा पेड़ कटान
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राजा का रामपुर। शासन द्वारा पर्यावरण और पेड़ों को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार ही पेड़ों के कटान को लेकर अनजान बने हुए हैं। नहर पटरी से सैकड़ों पेड़ काट दिए गए हैं, जिसकी जानकारी तक वन विभाग को नहीं है।राजा का रामपुर क्षेत्र में पहरा पुल से लेकर विजयपुर तक सैकड़ों वृक्ष लगाए गए। 2022 में वन विभाग द्वारा इस नहर की पटरी पर 6600 वृक्ष लगाए। लेकिन 1984 से दर्ज आम के पेड़ों की देखरेख करना भूल गया। जबकि वन विभाग को सर्वाधिक आमदनी नहर की पटरी पर लगे हुए आम के पेड़ों से होती है। विभाग द्वारा 2020 में 99550 की फसल बेची गई। वहीं 2021 में 44400 और 2022 में 259088 की आम की फसल को बेचा गया।
लेकिन विभाग अपने इन आय के स्रोतों को नजरअंदाज करता आ रहा है, जिसकी वजह से नहर की पटरी पर जमकर पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है। बता दें नहर की पटरी पर आम के पेड़ों के अलावा हजारों की संख्या में अन्य वृक्ष भी लगे हुए हैं। जो वृक्ष सूख जाते हैं, विभाग उनको नीलाम कर देता है। इस साल विभाग ने सूखे हुए आम के 24 और 11 अन्य वृक्ष नीलाम किए हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में 220 आम के वृक्ष 4 साल से बने हुए हैं। जबकि मौके पर कई जगह पटरी की जमीन खाली हो गई है।
गांव के नेम सिंह ने बताया कुछ साल पहले नहर की पटरी पर काफी आम के पेड़ थे। जिन पर बहुत अच्छे आम आते थे। जिनको हर वर्ष नीलाम किया जाता था। लेकिन विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोई देखरेख नहीं की जाती है। जिसकी वजह से नहर की पटरी पर आए दिन पेड़ कम होते जा रहे हैं। रेंजर वेद प्रकाश ने बताया कि निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति को देखा जाएगा। यदि किसी प्रकार का अवैध कटान हुआ है तो आरोपियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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लेकिन विभाग अपने इन आय के स्रोतों को नजरअंदाज करता आ रहा है, जिसकी वजह से नहर की पटरी पर जमकर पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है। बता दें नहर की पटरी पर आम के पेड़ों के अलावा हजारों की संख्या में अन्य वृक्ष भी लगे हुए हैं। जो वृक्ष सूख जाते हैं, विभाग उनको नीलाम कर देता है। इस साल विभाग ने सूखे हुए आम के 24 और 11 अन्य वृक्ष नीलाम किए हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में 220 आम के वृक्ष 4 साल से बने हुए हैं। जबकि मौके पर कई जगह पटरी की जमीन खाली हो गई है।
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गांव के नेम सिंह ने बताया कुछ साल पहले नहर की पटरी पर काफी आम के पेड़ थे। जिन पर बहुत अच्छे आम आते थे। जिनको हर वर्ष नीलाम किया जाता था। लेकिन विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोई देखरेख नहीं की जाती है। जिसकी वजह से नहर की पटरी पर आए दिन पेड़ कम होते जा रहे हैं। रेंजर वेद प्रकाश ने बताया कि निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति को देखा जाएगा। यदि किसी प्रकार का अवैध कटान हुआ है तो आरोपियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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