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एक फीट की नाली में छह फीट का व्यापारी कैसे डूब गया
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मृतक व्यापारी पीयूष जैन का फाइल फोटो- संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। जैन गली निवासी कन्फेक्शनरी व्यापारी पीयूष जैन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाली में डूबने और शरीर में पानी चले जाने से मौत होने की बात सामने आई है। व्यापारी का शव जिस नाली में मिला वह एक दुकान के आगे है और उस पर स्लैब के सथ सीढ़ी भी बनी है। ऐसे में सवाल उठता है कि एक फीट ऊंची स्लैब और सीढ़ी के बीच से व्यापारी नाली में चला कैसे गया।
पीयूष जैन का परिवार घंटाघर स्थित जैन गली में रहता है। उनके घर से करीब 100 मीटर आगे ही बली मोहम्मद चौराहा है। इसी चौराहे के निकट नाली में पीयूष का शव पड़ा मिला था। वह शुक्रवार रात करीब नौ बजे घर से नमकीन का पाउच लाने की कहकर निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला सका।
परिजन रात भर उन्हें खोजते रहे। सुबह भी व्यापारी का शव सुबह नौ बजे सफाईकर्मी को दिखा। इससे पहले शव पर किसी की नजर नहीं पड़ी। इसलिए सभी के मन में यह सवाल आ रहा है कि आधा फीट की चौड़ी नाली में छह के फीट के पीयूष का शव पहुंचा कैसे। परिजनों के मुताबिक इन दिनों पीयूष का शुगर लेवल भी बड़ा हुआ था। हालांकि इस संबंध में परिजनों द्वारा पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है। वहीं पुलिस ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे हादसा मान लिया है।
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सवाल जो खड़े हो रहे
-नाली इतनी गहरी नहीं कि उसमें आदमी डूब जाए। मात्र आधा फीट की नाली में छह फीट का आदमी कैसे समा सकता है कि वह पानी में डूब जाए।
-नाली पर बनी स्लैब और सीढ़ियां के बीच से व्यापारी कैसे नाली में पहुंच गया, जबकि सड़क से स्लैब की ऊंचाई नहीं कि व्यक्ति उसमें सहजता से अंदर जा पाए।
-नाली न तो ज्यादा गहरी है और न ही चौड़ी है। ऐसे में व्यापारी अचानक कैसे वहां पहुंच गया।
-यदि व्यापारी अचानक गिरा होता तो हर वक्त चलने वाले रास्ते पर किसी न किसी को दिखता, पर वह नाली और ऊपर बनी स्लैब में इस कदर फंसा था कि लोगों को दिखाई ही नहीं पड़ा।
-कहीं ऐसा तो नहीं व्यापारी को आसपास कहीं पानी में डुबाकर मारा गया हो और फिर शव को हादसे का रूप देने के लिए नाली में डाल दिया गया हो।
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-व्यापारी पीयूष जैन के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है, उसमें पानी में डूबने से मौत बताया गया है। इसके अलावा मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है, विश्लेषण का काम लोगों का है, वह जो विश्लेषण करें।
एके सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली शहर
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पीयूष जैन का परिवार घंटाघर स्थित जैन गली में रहता है। उनके घर से करीब 100 मीटर आगे ही बली मोहम्मद चौराहा है। इसी चौराहे के निकट नाली में पीयूष का शव पड़ा मिला था। वह शुक्रवार रात करीब नौ बजे घर से नमकीन का पाउच लाने की कहकर निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला सका।
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परिजन रात भर उन्हें खोजते रहे। सुबह भी व्यापारी का शव सुबह नौ बजे सफाईकर्मी को दिखा। इससे पहले शव पर किसी की नजर नहीं पड़ी। इसलिए सभी के मन में यह सवाल आ रहा है कि आधा फीट की चौड़ी नाली में छह के फीट के पीयूष का शव पहुंचा कैसे। परिजनों के मुताबिक इन दिनों पीयूष का शुगर लेवल भी बड़ा हुआ था। हालांकि इस संबंध में परिजनों द्वारा पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है। वहीं पुलिस ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे हादसा मान लिया है।
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सवाल जो खड़े हो रहे
-नाली इतनी गहरी नहीं कि उसमें आदमी डूब जाए। मात्र आधा फीट की नाली में छह फीट का आदमी कैसे समा सकता है कि वह पानी में डूब जाए।
-नाली पर बनी स्लैब और सीढ़ियां के बीच से व्यापारी कैसे नाली में पहुंच गया, जबकि सड़क से स्लैब की ऊंचाई नहीं कि व्यक्ति उसमें सहजता से अंदर जा पाए।
-नाली न तो ज्यादा गहरी है और न ही चौड़ी है। ऐसे में व्यापारी अचानक कैसे वहां पहुंच गया।
-यदि व्यापारी अचानक गिरा होता तो हर वक्त चलने वाले रास्ते पर किसी न किसी को दिखता, पर वह नाली और ऊपर बनी स्लैब में इस कदर फंसा था कि लोगों को दिखाई ही नहीं पड़ा।
-कहीं ऐसा तो नहीं व्यापारी को आसपास कहीं पानी में डुबाकर मारा गया हो और फिर शव को हादसे का रूप देने के लिए नाली में डाल दिया गया हो।
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-व्यापारी पीयूष जैन के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है, उसमें पानी में डूबने से मौत बताया गया है। इसके अलावा मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है, विश्लेषण का काम लोगों का है, वह जो विश्लेषण करें।
एके सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली शहर