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बंदरों के आतंक की शिकायत पर पीएमओ ने लिया संज्ञान
अमर ब्ययूराो एटा
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:25 PM IST
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बंदरों के आतंक की शिकायत पर पीएमओ ने लिया संज्ञान
- फोटो : अमर उजाला
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कस्बा में बंदरों के आतंक और अधिकारियों के सुनवाई न करने के मामले में पीएमओ ने डीएम को समस्या समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। इसकी शिकायत स्थानीय निवासी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल की थी, जिस पर संज्ञान लिया गया। मामले की जांच के बाद एसडीएम जलेसर ने डीएम को पत्र लिखकर वन विभाग से बंदरों को पकड़वाने के लिए कहा है।
कस्बा निवासी ललित गुप्ता ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर कस्बा में बंदरों के आतंक के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं, लेकिन जिला प्रशासन इन्हें पकड़ने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा। इसके चलते लोग में दहशत बढ़ रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीएम कार्यालय को जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम अजय यादव ने एसडीएम जलेसर रामदास और तहसीलदार को इस मामले की जांच सौंपीं। जांच के बाद सोमवार को एसडीएम ने डीएम अजय यादव को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में एसडीएम ने कहा है कि बंदरों को पकड़ना और मुक्ति दिलाना वन्य जीव संरक्षण के तहत वन विभाग का काम है। उन्होंने डीएम से वन विभाग को निर्देश देकर बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने की गुजारिश की है।
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निधौलीकलां में भी बंदरों का आतंक
अवागढ़ ही नहीं जिले के निधौलीकलां क्षेत्र में भी बंदरों का आतंक है। आलम यह है कि लोग घरों से निकलने में डरते हैं। बंदर कई बार लोगों को घायल भी कर चुके हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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कस्बा निवासी ललित गुप्ता ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर कस्बा में बंदरों के आतंक के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं, लेकिन जिला प्रशासन इन्हें पकड़ने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा। इसके चलते लोग में दहशत बढ़ रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीएम कार्यालय को जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाने के निर्देश दिए।
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इसके बाद डीएम अजय यादव ने एसडीएम जलेसर रामदास और तहसीलदार को इस मामले की जांच सौंपीं। जांच के बाद सोमवार को एसडीएम ने डीएम अजय यादव को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में एसडीएम ने कहा है कि बंदरों को पकड़ना और मुक्ति दिलाना वन्य जीव संरक्षण के तहत वन विभाग का काम है। उन्होंने डीएम से वन विभाग को निर्देश देकर बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने की गुजारिश की है।
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निधौलीकलां में भी बंदरों का आतंक
अवागढ़ ही नहीं जिले के निधौलीकलां क्षेत्र में भी बंदरों का आतंक है। आलम यह है कि लोग घरों से निकलने में डरते हैं। बंदर कई बार लोगों को घायल भी कर चुके हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।