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Etah News: घर के बाहर खेल रहे मासूम को बंदरों की टोली ने घेरा, कर दिया लहूलुहान
Thu, 16 May 2024 01:20 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 16 May 2024 01:20 PM IST
सार
घर के बाहर खेल रहे मासूम पर बंदरों ने हमला कर दिया। बच्चा बुरी तरह से जख्मी हो गया। लोगों ने उसे बंदरों के झुंड से बचाया।
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बंदर।
विस्तार
एटा के सकीट नगर से लेकर गांव तक बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार की शाम को घर के बाहर खेल रहे 5 वर्षीय मासूम बच्चे को बंदरों ने लहूलुहान कर दिया। सीएचसी में उसे भर्ती किया गया।
मोहल्ला काजी में नासिर अंसारी का पुत्र अरहान घर के बाहर ही खेल रहा था। नासिर ने बताया कि उसी समय अचानक बंदरों का झुंड आ गया और बच्चे पर हमला कर दिया। उसे कई जगह काट लिया, जिससे वह जख्मी होकर जमीन पर जा गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोगों ने बंदरों को भगाकर बच्चे को बचाया। बाद में बच्चे को सीएचसी ले जाकर उपचार कराया गया।
सीएचसीके एमओआईसी डॉ. रवि सिंह ने बताया कि सीएचसी पर कुत्ते काटने से ज्यादा बंदरों के काटने के मरीज आ रहे है। इनको एआरवी से cचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाती है। सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है और सभी को निशुल्क लगाई जाती है। नगर पंचायत अध्यक्ष मानवी यादव ने बताया कि नगर में बंदरो का आतंक बहुत बढ़ गया है। जिससे लोग परेशान हैं। नगर पंचायत द्वारा वन विभाग को अवगत कराया गया है। बहुत जल्द बंदरों को पकड़वाया जाएगा। जिससे लोगों को इनके आतंक से निजात मिल सकेगी।
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दूसरे इलाकों से छोड़े जा रहे बंदर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों की संख्या पिछले दो-तीन साल में बहुत तेजी से बढ़ी है। दरअसल, दूसरे इलाकों से लोग गाड़ियों में भरकर बंदरों को लाते हैं और सीमा पर छोड़ जाते हैं। जो कस्बे के अंदर आकर डेरा जमा लेते हैं। अक्सर बंदरों द्वारा हमला कर लोगों को घायल करने के मामले सामने आ रहे हैं।
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मोहल्ला काजी में नासिर अंसारी का पुत्र अरहान घर के बाहर ही खेल रहा था। नासिर ने बताया कि उसी समय अचानक बंदरों का झुंड आ गया और बच्चे पर हमला कर दिया। उसे कई जगह काट लिया, जिससे वह जख्मी होकर जमीन पर जा गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोगों ने बंदरों को भगाकर बच्चे को बचाया। बाद में बच्चे को सीएचसी ले जाकर उपचार कराया गया।
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सीएचसीके एमओआईसी डॉ. रवि सिंह ने बताया कि सीएचसी पर कुत्ते काटने से ज्यादा बंदरों के काटने के मरीज आ रहे है। इनको एआरवी से cचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाती है। सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है और सभी को निशुल्क लगाई जाती है। नगर पंचायत अध्यक्ष मानवी यादव ने बताया कि नगर में बंदरो का आतंक बहुत बढ़ गया है। जिससे लोग परेशान हैं। नगर पंचायत द्वारा वन विभाग को अवगत कराया गया है। बहुत जल्द बंदरों को पकड़वाया जाएगा। जिससे लोगों को इनके आतंक से निजात मिल सकेगी।
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दूसरे इलाकों से छोड़े जा रहे बंदर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों की संख्या पिछले दो-तीन साल में बहुत तेजी से बढ़ी है। दरअसल, दूसरे इलाकों से लोग गाड़ियों में भरकर बंदरों को लाते हैं और सीमा पर छोड़ जाते हैं। जो कस्बे के अंदर आकर डेरा जमा लेते हैं। अक्सर बंदरों द्वारा हमला कर लोगों को घायल करने के मामले सामने आ रहे हैं।