{"_id":"67f9574aff024f61f90343a2","slug":"medical-students-will-do-research-on-the-dead-body-of-an-unknown-person-etah-news-c-163-1-eta1001-132185-2025-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: अज्ञात व्यक्ति के शव से शोध करेंगे मेडिकल विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: अज्ञात व्यक्ति के शव से शोध करेंगे मेडिकल विद्यार्थी
Fri, 11 Apr 2025 11:24 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 11 Apr 2025 11:24 PM IST
विज्ञापन
एटा। थाना मलावन क्षेत्र में मंगलवार को 65 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिला था। 72 घंटे बाद भी शिनाख्त न होने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में उसको मारहरा मार्ग पर स्थित मेडिकल कॉलेज की एकेडमिक विंग में भेज दिया गया। यहां चिकित्सकीय शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी इसका शोध के लिए प्रयोग करेंगे।
वीरांगना अबंतीबाई मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि शासन की गाइडलाइंस के अनुसार शव को लिया जाता है। जो कि यहां अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के पठन-पाठन में काम आता है। पहले भी एक शव को लिया गया था, जिसको अच्छे तरीके से सहेजकर रखा गया है। मलावन थाना क्षेत्र में रेस्ट एरिया सेंथरी के पास मंगलवार को इस बुजुर्ग का शव मिला था।
जिसकी 72 घंटे बाद भी पहचान नहीं हो पाई तो शासन के नियमानुसार मेडिकल कॉलेज की एकेडमिक विंग में भेजा गया है। मानव शरीर के अंदर होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों और उनके निदान के बारे में मृत शरीर का परीक्षण और शोध किया जाता है। जिसके आधार पर उपचार और निदान के बारे में विचार किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीरांगना अबंतीबाई मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि शासन की गाइडलाइंस के अनुसार शव को लिया जाता है। जो कि यहां अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के पठन-पाठन में काम आता है। पहले भी एक शव को लिया गया था, जिसको अच्छे तरीके से सहेजकर रखा गया है। मलावन थाना क्षेत्र में रेस्ट एरिया सेंथरी के पास मंगलवार को इस बुजुर्ग का शव मिला था।
विज्ञापन
जिसकी 72 घंटे बाद भी पहचान नहीं हो पाई तो शासन के नियमानुसार मेडिकल कॉलेज की एकेडमिक विंग में भेजा गया है। मानव शरीर के अंदर होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों और उनके निदान के बारे में मृत शरीर का परीक्षण और शोध किया जाता है। जिसके आधार पर उपचार और निदान के बारे में विचार किया जाता है।
विज्ञापन