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लॉकडाउन में गली-मोहल्लों में सुबह और शाम को लगती है चौपाल
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मोहल्ला मारहरा गेट में झुंड बनाकर खेलते बच्चे। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। लॉकडाउन में पुलिस की सख्ती के चलते बाजार बंद है। वहीं, लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। वहीं, गली और मोहल्ले आबाद है। यहां सूरज निकलने और दिन ढलने के बाद का नजारा और देखने लायक होता है। लोग नियमों को धता बताकर गलियों में चौपाल सजा लेते हैं। यह बात अलग है कि मीडिया और पुलिस को आता देख लोग घरों में चले जाते हैं।
शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अधिकतर बच्चे और युवा दिनभर गली और सड़क पर ही नजर आते हैं। भूतेश्वर रोड, नगला पोता, मोहल्ला कटरा, सिंधी कॉलोनी, किदवई नगर, पटियाली गेट, अलीगंज चौराहा, सकीट रोड, रेलवे रोड आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जहां आम तौर पर पुलिस दिन भर गश्त नहीं करती। ऐसे में लोग घरों से बाहर निकलकर आपस में बतियाने या खेलने में मशगूल नजर आते हैं। खासकर महिलाएं अपने घर के बाहर बैठकर गप्पें लड़ाती देखी जा सकती हैं।
बस्ती के घरों में जगह ही नहीं
अलीगंज चौराहा, जीटी रोड, शिकोहाबाद रोड और सकीट रोड के इलाके में बड़ी संख्या में बजारा समाज के लोग रहते हैं। इनके एक-एक कमरे के मकान और झोंपड़ी हैं। इनमें रहने वाले परिवार के पांच से आठ लोग दिन भर पेड़ के नीचे झुंड बनाकर बैठे बतियाते रहते हैं।
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कॉलोनी में भी नहीं सजगता
बस्ती और मोहल्लों की बात तो दूर कॉलोनियों में भी लोग अब घरों से बाहर निकलने लगे हैं। सिंधी कालोनी, अरुणा नगर, शांति नगर, नेहरू नगर जैसी पॉश कॉलोनियों में लोग पार्कों में बैंच पर या फिर छाया वाले स्थल पर बैठे गप्पें लड़ाते रहते हैं।
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शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अधिकतर बच्चे और युवा दिनभर गली और सड़क पर ही नजर आते हैं। भूतेश्वर रोड, नगला पोता, मोहल्ला कटरा, सिंधी कॉलोनी, किदवई नगर, पटियाली गेट, अलीगंज चौराहा, सकीट रोड, रेलवे रोड आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जहां आम तौर पर पुलिस दिन भर गश्त नहीं करती। ऐसे में लोग घरों से बाहर निकलकर आपस में बतियाने या खेलने में मशगूल नजर आते हैं। खासकर महिलाएं अपने घर के बाहर बैठकर गप्पें लड़ाती देखी जा सकती हैं।
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बस्ती के घरों में जगह ही नहीं
अलीगंज चौराहा, जीटी रोड, शिकोहाबाद रोड और सकीट रोड के इलाके में बड़ी संख्या में बजारा समाज के लोग रहते हैं। इनके एक-एक कमरे के मकान और झोंपड़ी हैं। इनमें रहने वाले परिवार के पांच से आठ लोग दिन भर पेड़ के नीचे झुंड बनाकर बैठे बतियाते रहते हैं।
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कॉलोनी में भी नहीं सजगता
बस्ती और मोहल्लों की बात तो दूर कॉलोनियों में भी लोग अब घरों से बाहर निकलने लगे हैं। सिंधी कालोनी, अरुणा नगर, शांति नगर, नेहरू नगर जैसी पॉश कॉलोनियों में लोग पार्कों में बैंच पर या फिर छाया वाले स्थल पर बैठे गप्पें लड़ाते रहते हैं।

मोहल्ला भूतेश्वर रोड पर घर के बाहर बैठे लोग। संवाद- फोटो : ETAH

गली बलदेव सहाय में अनावश्यक खड़े दिखे लोग। संवाद- फोटो : ETAH