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युवती की हत्या में चार दोषियों को आजीवन कारावास
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एटा। युवती की हत्या के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट कुमार गौरव के न्यायालय में बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। करीब साढ़े पांच साल पहले जैथरा थाना क्षेत्र के गांव सदियापुर में इस वारदात को अंजाम दिया गया था। एडीजीसी यतेंद्र प्रताप सिंह शाक्य ने बताया कि 20 नवंबर 2016 को दीपक यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक दोपहर करीब 3 बजे उसकी करीब 19 वर्षीय बहन दीप्ति घर के बराबर लगे हैंडपंप पर पानी भरने के लिए गई थी। तभी वहां गांव के उदयप्रताप व उसका भाई वीरप्रताप, हरवेश व उसका भाई सचिन उर्फ बंटू पहुंच गए।
पुरानी रंजिश के चलते इन लोगों ने दीप्ति को दबोच लिया और चाकू से उसके चेहरे पर वार किए। सिर में ईंट-पत्थर मारकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद उसके गले में पड़े दुपट्टे को दोनों ओर से खींचकर मारने की कोशिश करने लगे। इसी समय गांव के अन्य लोग पहुंचे तो हमलावर भाग गए, लेकिन तब तक दीप्ति की मौत हो चुकी थी। मामले में विवेचना कर पुलिस ने चारों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने चारों को हत्या का दोषी ठहराया। उन्होंने सभी को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। चारों ही दोषी जेल में निरुद्ध हैं।
गवाह बने पिता की भी की गई हत्या
दीप्ति की हत्या के मामले में उसका भाई दीपक यादव और पिता राजेश्वर सिंह गवाह बने थे। जिसके चलते राजेश्वर सिंह की भी हत्या कर दी गई। इन्हीं चारों दोषियों पर राजेश्वर की भी हत्या करने का आरोप है। जिसका मामला जिला जज न्यायालय में विचाराधीन है।
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पुरानी रंजिश के चलते इन लोगों ने दीप्ति को दबोच लिया और चाकू से उसके चेहरे पर वार किए। सिर में ईंट-पत्थर मारकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद उसके गले में पड़े दुपट्टे को दोनों ओर से खींचकर मारने की कोशिश करने लगे। इसी समय गांव के अन्य लोग पहुंचे तो हमलावर भाग गए, लेकिन तब तक दीप्ति की मौत हो चुकी थी। मामले में विवेचना कर पुलिस ने चारों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने चारों को हत्या का दोषी ठहराया। उन्होंने सभी को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। चारों ही दोषी जेल में निरुद्ध हैं।
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गवाह बने पिता की भी की गई हत्या
दीप्ति की हत्या के मामले में उसका भाई दीपक यादव और पिता राजेश्वर सिंह गवाह बने थे। जिसके चलते राजेश्वर सिंह की भी हत्या कर दी गई। इन्हीं चारों दोषियों पर राजेश्वर की भी हत्या करने का आरोप है। जिसका मामला जिला जज न्यायालय में विचाराधीन है।
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