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Etah News: आगरा से ली सीख, एटा में जमाया कारोबार
Sat, 17 Jun 2023 11:22 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 17 Jun 2023 11:22 PM IST
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एटा। घर के कठिन आर्थिक हालातों को सुधारने के लिए वनगांव रोड निवासी जीनेश कुमारी ने आगरा से फूलझाड़ू बनाने की सूख ली। इसके बाद एटा में कारोबार जमाया। इसे अपने परिवार की तरक्की का जरिया बनाने के साथ ही अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं।जीनेश के लिए जीवन की राह बहुत आसान नहीं थी। पति राजवीर सिंह मेहनत-मजदूरी करके जो कमाते थे, उससे घर का खर्चा और तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई मुश्किल से हो पा रही थी। ऐसे में जीनेश ने खुद कोई रोजगार करने का मन बनाया। मामा आदि आगरा में झाड़ू बनाने का काम करते हैं। उनके पास जाकर यह काम सीखा। एटा में इस तरह की झाड़ू तैयार करने का कोई कारखाना पहले से नहीं चलता था। इसलिए नया काम शुरू करने में जहां मुनाफे की संभावना थी तो जोखिम भी था। जीनेश ने जोखिम को स्वीकार करते हुए करीब छह महीने पहले घर से ही कारोबार शुरू कर दिया।
इसमें उनके पति ने सहयोग दिया। कच्चा माल आगरा से लाकर जीनेश झाड़ू तैयार करती हैं। जबकि पति तैयार माल की सप्लाई बाजारों में कर रहे हैं। जीनेश बताते हैं कि एक दिन में करीब 20 झाड़ू तैयार कर लेते हैं। इसमें दोनों ही लोगों की मजदूरी निकल रही है। साथ ही मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में अन्य जरूरतमंद महिलाओं को साथ जोड़ा है। जो काम सीखकर सहयोग कर रही हैं।
सात तरह की बनाती हैं झाड़ू
जीनेश सात तरह की झाड़ू तैयार कर ही हैं। इनमें सादा और फैंसी झाड़ू हैं। जो प्लास्टिक कवर, पाइप आदि मैटेरियल की लागत के हिसाब से थोक में 60 से 75 रुपये में सप्लाई करती हैं।
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बनाया स्वयं सहायता समूह
जीनेश ने हाल ही में डूडा के माध्यम से अपना एक स्वयं सहायता समूह बनाया है। इसमें 10 महिलाएं पंजीकृत हैं। इनका विभाग से ऋण, प्रचार आदि की सुविधा मुहैया होगी।
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इसमें उनके पति ने सहयोग दिया। कच्चा माल आगरा से लाकर जीनेश झाड़ू तैयार करती हैं। जबकि पति तैयार माल की सप्लाई बाजारों में कर रहे हैं। जीनेश बताते हैं कि एक दिन में करीब 20 झाड़ू तैयार कर लेते हैं। इसमें दोनों ही लोगों की मजदूरी निकल रही है। साथ ही मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में अन्य जरूरतमंद महिलाओं को साथ जोड़ा है। जो काम सीखकर सहयोग कर रही हैं।
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सात तरह की बनाती हैं झाड़ू
जीनेश सात तरह की झाड़ू तैयार कर ही हैं। इनमें सादा और फैंसी झाड़ू हैं। जो प्लास्टिक कवर, पाइप आदि मैटेरियल की लागत के हिसाब से थोक में 60 से 75 रुपये में सप्लाई करती हैं।
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बनाया स्वयं सहायता समूह
जीनेश ने हाल ही में डूडा के माध्यम से अपना एक स्वयं सहायता समूह बनाया है। इसमें 10 महिलाएं पंजीकृत हैं। इनका विभाग से ऋण, प्रचार आदि की सुविधा मुहैया होगी।