{"_id":"5fd3b48f8ebc3e3c4c2fd287","slug":"kisaan-andolan-etah-news-agr47158117","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी, प्रशासन समझाने में नाकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी, प्रशासन समझाने में नाकाम
विज्ञापन
धरने पर बैठे अखिल भाकियू के पदाधिकारी।
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। अखिल भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में कचहरी स्थित धरना स्थल पर दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। शुक्रवार को धरने में प्रशासन की तरफ से उपजिलाधिकारी सदर अबुल कलाम और क्षेत्राधिकारी राजकुमार सिंह किसानों से वार्ता करने पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने किसानों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान समस्याओं के समाधान तक अनिश्चित कालीन धरने पर अड़े हुए हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी ने कहा कि शनिवार 12 दिसंबर को दोपहर 12:00 बजे अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक सरदार वीएम सिंह से गाजीपुर बॉर्डर मिलने एक प्रतिनिधिमंडल जाएगा और वहीं पर आंदोलन की अग्रिम रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं कचहरी पर चल रहा धरना अनवरत जारी रहेगा। धरने में तेज सिंह वर्मा, सुरेंद्र शास्त्री, रामकिशन यादव, डॉ. राजपाल वर्मा, शिवम यादव, राहुल यादव, कामरेड ज्ञान सिंह बघेल, अवधेश कुमार, हाकिम सिंह, द्वारिका प्रसाद वर्मा, नीरज यादव, बाबूराम वर्मा, दौजीराम कुशवाहा, संजय वर्मा, प्रेमपाल सिंह, यादराम सिंह, आबिद अली, रवीना, समीना, खालिदा बेगम आदि रहे।
किसान नेता किए गए नजरबंद
जलेसर। कृषि बिल के विरोध में नई दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में भाग लेने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के नेताओं को कोतवाली पुलिस ने नजरबंद कर दिया। उनके आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया है। कोतवाली प्रभारी केपी सिंह के अनुसार भाकियू (भानू) के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्की ठाकुर और मंडल महासचिव लखन यादव शुक्रवार को कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर 11 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो रहे थे, इससे पूर्व सुबह पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद किया गया। उन्हें समझा-बुझाकर दिल्ली जाने से रोका गया। नेताओं के नजर बंद होने से किसानों में रोष व्याप्त है।
विज्ञापन
अवागढ़ में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग
अवागढ़। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के पदाधिकारियों ने एडीएम केशव कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें अवागढ़ कसबा में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एडीएम को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि कसबा अवागढ़ में भारी वाहनों के प्रवेश के कारण जाम की स्थिति बन जाती है, वहीं लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में हर्ष गुप्ता, दीपक चौहान भी शामिल रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी ने कहा कि शनिवार 12 दिसंबर को दोपहर 12:00 बजे अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक सरदार वीएम सिंह से गाजीपुर बॉर्डर मिलने एक प्रतिनिधिमंडल जाएगा और वहीं पर आंदोलन की अग्रिम रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं कचहरी पर चल रहा धरना अनवरत जारी रहेगा। धरने में तेज सिंह वर्मा, सुरेंद्र शास्त्री, रामकिशन यादव, डॉ. राजपाल वर्मा, शिवम यादव, राहुल यादव, कामरेड ज्ञान सिंह बघेल, अवधेश कुमार, हाकिम सिंह, द्वारिका प्रसाद वर्मा, नीरज यादव, बाबूराम वर्मा, दौजीराम कुशवाहा, संजय वर्मा, प्रेमपाल सिंह, यादराम सिंह, आबिद अली, रवीना, समीना, खालिदा बेगम आदि रहे।
विज्ञापन
किसान नेता किए गए नजरबंद
जलेसर। कृषि बिल के विरोध में नई दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में भाग लेने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के नेताओं को कोतवाली पुलिस ने नजरबंद कर दिया। उनके आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया है। कोतवाली प्रभारी केपी सिंह के अनुसार भाकियू (भानू) के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्की ठाकुर और मंडल महासचिव लखन यादव शुक्रवार को कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर 11 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो रहे थे, इससे पूर्व सुबह पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद किया गया। उन्हें समझा-बुझाकर दिल्ली जाने से रोका गया। नेताओं के नजर बंद होने से किसानों में रोष व्याप्त है।
विज्ञापन
अवागढ़ में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग
अवागढ़। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के पदाधिकारियों ने एडीएम केशव कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें अवागढ़ कसबा में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एडीएम को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि कसबा अवागढ़ में भारी वाहनों के प्रवेश के कारण जाम की स्थिति बन जाती है, वहीं लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में हर्ष गुप्ता, दीपक चौहान भी शामिल रहे।