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जहरीली शराब का कहर देख आसमां भी रोया
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sun, 17 Jul 2016 11:46 PM IST
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जहरीली शराब का कहर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अलीगंज में जहरीली शराब पीने से हुई 22 लोगों की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बारिश के बीच 13 चिताएं जलीं तो लगा कि जैसे आसमां भी मृतकों के परिवारीजनों के साथ रो रहा है। मृतकों के घरवालों की आंखों से आंसू बरस रहे थे, हर आंख नम थी, तो आसमां से भी बादल भी बरस रहे थे। परिवारीजन और ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। अवैध शराब की खुलेआम बिक्री को लेकर लोगों में पुलिस और नेताओं के खिलाफ गुस्सा था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने नारे लगाए और प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को बुलाने और मृतकों के परिवारीजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
रविवार को अलीगंज स्थित शमशान में बारिश के बीच मृतकों की शवयात्रा पहुंचीं। एक साथ 13 चिताएं जलीं तो यहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। हर कोई भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि ये मंजर दोबारा मत दिखाना। लोगों का कहना था कि काश मृतकों को ठीक से समझाया गया होता, तो आज वे उनके बीच होते। शराब पीने जैसी बुरी आदत के खिलाफ वे हर किसी को चेता रहे थे। सरकार और पुलिस के खिलाफ भी लोगों ने अपना आक्रोश प्रकट किया। लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के खिलाफ जो कार्रवाई की है वो दिखावटी है। कुछ दिन बाद वे लोग बहाल कर दिए जाएंगे। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने बाप, तो किसी ने पति। लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं है। लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री को अलीगंज आकर मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख की आर्थिक सहायता देनी चाहिए। वहीं कुछ लोग शमशान में आए लोगों से शराब छोड़ने की अपील करते दिखे।
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रविवार को अलीगंज स्थित शमशान में बारिश के बीच मृतकों की शवयात्रा पहुंचीं। एक साथ 13 चिताएं जलीं तो यहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। हर कोई भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि ये मंजर दोबारा मत दिखाना। लोगों का कहना था कि काश मृतकों को ठीक से समझाया गया होता, तो आज वे उनके बीच होते। शराब पीने जैसी बुरी आदत के खिलाफ वे हर किसी को चेता रहे थे। सरकार और पुलिस के खिलाफ भी लोगों ने अपना आक्रोश प्रकट किया। लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के खिलाफ जो कार्रवाई की है वो दिखावटी है। कुछ दिन बाद वे लोग बहाल कर दिए जाएंगे। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने बाप, तो किसी ने पति। लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं है। लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री को अलीगंज आकर मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख की आर्थिक सहायता देनी चाहिए। वहीं कुछ लोग शमशान में आए लोगों से शराब छोड़ने की अपील करते दिखे।
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