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बरसात में गिरासू और जर्जर भवनों से खतरा

Wed, 01 Jul 2015 10:51 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
ब्यूरो अमर उजाला, एटा Updated Wed, 01 Jul 2015 10:51 PM IST
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In rainy and shabby buildings threatened by Girasu
जिले में जर्जर सरकारी और प्राइवेट भवनों को लेकर प्रशासन बेखबर है। बारिश के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हाल ही में हुई बारिश में कई मकानों की दीवारें तक गिर चुकी हैं और लोग घायल हुए हैं। लेकिन इस सब के बावजूद भी अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। भूकंप के दौरान प्रशासन ने लेखपालों, नगरपंचायत और नगरपालिकाओं से जर्जर भवनों की सूची मांगी थी, लेकिन यह कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में पड़ कर रह गई है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे का कार्य चल रहा है। सूची मिलने ही संबंधितों को नोटिस जारी कर इन्हें ध्वस्त कराया जाएगा।
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 राजकीय इंटर कालेज में बने सरकारी आवासों का मलवा आए दिन टूट कर गिरता रहता है, लेकिन इन्हें ठीक नहीं किया जा रहा। व्यस्ततम बाजारों में भी खड़ी जर्जर इमारतों से भी पड़ोसी भयभीत हैं। मैनगंज स्थित आधा दर्जन पुराने भवन जर्जर एवं चटके खड़े हैं। बारिश के दिनों मे तो घटना होने का खासा डर बना रहता है। इसी प्रकार जिला अस्पताल परिसर, पुलिस लाइन एवं कोतवाली देहात परिसर में बनीं आवासीय इमारतों की भी हालत ठीक नहीं हैं। इसके अलावा जेल रोड पर बने पुलिस के जर्जर क्वाटरों में रह रहे पुलिस कर्मियों में से कई के परिवार तो चले भी गए हैं। बीच बाजार में बने घंटाघर की गुंबदें भी जर्जर हैं। आए दिन मलबा गिरता रहता है। पहले एक-दो लोग चुटैल भी हुए हैं। हाल में हुई बारिश के चलते रिजोर क्षेत्र में मकान का छज्जा गिरने से एक महिला की मौत हो गई थी। नगला केवल में बरसात के चलते पड़ोसी की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पिछले साल भी बारिश के दौरान जिला प्रशासन ने संबंधित भवन स्वामियों को इन भवनों को ढहाने के निर्देश दिए थे। साथ ही ग्राम प्रधानों, नगर पंचायतों एवं नगर पालिका प्रशासन को भी ऐसे भवनों को चिन्हित कर कार्रवाई करने को कहा था। इसके बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। दो महीने पहले आए भूकंप को देखते हुए भी जिला प्रशासन ने इन जर्जर भवनों की सूची मांगी थी। ताकि संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर इन्हें ध्वस्त कराया जा सके और आगे की कार्रवाई हो, लेकिन नतीजा शून्य निकला।
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क्या बोले अधिकारी
 जर्जर भवनों की मांगी गई सूची अभी नहीं मिली है। इनके सर्वे का कार्य चल रहा है। जैसे ही सूची उपलब्ध होगी, संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर इन्हें ध्वस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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- लालमणि मिश्र, एडीएम प्रशासन, एटा।
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