{"_id":"628253435178af31f20a7dfd","slug":"immunization-will-be-monitored-through-e-kavach-app-etah-news-agr533654730","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई कवच एप से होगी टीकाकरण की निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई कवच एप से होगी टीकाकरण की निगरानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। स्वास्थ्य विभाग ने नियमित टीकाकरण की निगरानी करने के लिए ई-कवच एप जारी किया है। इस एप से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की निगरानी होगी। एप आशा कार्यकर्ता व एएनएम के मोबाइल मेें अपलोड कराकर ऑनलाइन फीडिंग कराई जाएगी। इससे टीकाकरण में फर्जीवाड़े की आशंकाओं पर रोक लगेगी।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चलाए जा रहे नियमित टीकाकरण का जिम्मा एएनएम के पास रहता है। टीकाकरण में मैनुअल रिपोर्ट एएनएम के माध्यम से दी जाती है, जो ब्लॉक से जिला मुख्यालय और राज्य स्तर पर देरी से पहुंचती हैं। टीकाकरण में लक्ष्य को पूरा करने के लिए खेल भी किया जाता है। इसकी निगरानी करने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए शासन की ओर से ई-कवच एप जारी किया गया है।
इसमें लाभार्थी का नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित पूरा ब्योरा मौके पर ही ऑनलाइन भरा जाएगा। इससे तत्काल पूरा विवरण जिला और राज्य स्तर पर पहुंचेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामसिंह ने बताया कि ई-कवच एप पर आशा कार्यकर्ता और एएनएम मौके पर ही लाभार्थी का पूरा ब्योरा अपलोड करेंगी। इससे लापरवाही व अन्य क्रियाकलापों पर रोक लगेगी। इसकी निगरानी जिला और राज्य स्तर पर की जा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चलाए जा रहे नियमित टीकाकरण का जिम्मा एएनएम के पास रहता है। टीकाकरण में मैनुअल रिपोर्ट एएनएम के माध्यम से दी जाती है, जो ब्लॉक से जिला मुख्यालय और राज्य स्तर पर देरी से पहुंचती हैं। टीकाकरण में लक्ष्य को पूरा करने के लिए खेल भी किया जाता है। इसकी निगरानी करने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए शासन की ओर से ई-कवच एप जारी किया गया है।
विज्ञापन
इसमें लाभार्थी का नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित पूरा ब्योरा मौके पर ही ऑनलाइन भरा जाएगा। इससे तत्काल पूरा विवरण जिला और राज्य स्तर पर पहुंचेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामसिंह ने बताया कि ई-कवच एप पर आशा कार्यकर्ता और एएनएम मौके पर ही लाभार्थी का पूरा ब्योरा अपलोड करेंगी। इससे लापरवाही व अन्य क्रियाकलापों पर रोक लगेगी। इसकी निगरानी जिला और राज्य स्तर पर की जा सकेगी।
विज्ञापन