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इमलिया जन आंदोलन तय करेगा किसान हित की लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sat, 30 Jan 2016 10:38 PM IST
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तीन गांवों का विद्युतीकरण और किसान समस्याओं को लेकर बेरनी विद्युत
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उपकेंद्र पर चल रहा डेरा डालो घेरा डालो आंदोलन अधिकारियों के आश्वासन के
बाद स्थगित हो गया।
पूर्व प्रदेश सचिव ओमकार यादव ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं स्थगित किया गया है। अगर 31 मार्च तक समस्याओं का समाधान न हुआ तो आंदोलन इससे भी विशाल रूप धारण कर लेगा। विद्युत अधिकारी किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे फसल बर्बादी कगार पर है। हमारी मांग है कि तीनों गांवों का विद्युतीकरण हर हाल में 31 मार्च तक होना चाहिए। बेरनी विद्युत स्टेशन पर पहुंचे उपखंड अधिकारी कर्मवीर सिंह ने किसानों को 15 दिनों का आश्वासन देकर धरना स्थगित किया।
किसानों समस्याओं को लेकर तीन फरवरी को प्रस्तावित इमलिया आंदोलन की तैयारियां जोरों पर हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप जनसंपर्क कर विशाल भीड़ के लिए जुटे हुए हैं। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा से आजिज आकर जन आंदोलन का निर्णय लिया है। कृषि आयोग का गठन करके कृषि को उद्योग का दर्जा दिए जाए। फसलों का उचित मूल्य मिले, वृद्धावस्था पेंशन, प्रत्येक किसान मजदूर का दुर्घटना बीमा 10 लाख रुपये सुनिश्चित करने, टीडीजेड क्षेत्र में 24 घंटे बिजली व पूरे प्रदेश में 18 घंटे बिजली सप्लाई, नहर व रजबाहों में रोस्टर के मुताबिक टेल तक पानी पहुंचाने के साथ 25 बीघा से अधिक के किसानों को भी ओला व सूखा राहत जैसी मांगे शामिल हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ग्राम सराय राजनगर, मुढई, सरसेला, पटना, विशमपुर, खोजापुर आदि दर्जनों ग्रामों में सघन जन संपर्क कर किसानों से संगठित होने का आह्वान किया। इस दौरान रेशम पाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, साधु सिंह, रामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
पूर्व प्रदेश सचिव ओमकार यादव ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं स्थगित किया गया है। अगर 31 मार्च तक समस्याओं का समाधान न हुआ तो आंदोलन इससे भी विशाल रूप धारण कर लेगा। विद्युत अधिकारी किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे फसल बर्बादी कगार पर है। हमारी मांग है कि तीनों गांवों का विद्युतीकरण हर हाल में 31 मार्च तक होना चाहिए। बेरनी विद्युत स्टेशन पर पहुंचे उपखंड अधिकारी कर्मवीर सिंह ने किसानों को 15 दिनों का आश्वासन देकर धरना स्थगित किया।
किसानों समस्याओं को लेकर तीन फरवरी को प्रस्तावित इमलिया आंदोलन की तैयारियां जोरों पर हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप जनसंपर्क कर विशाल भीड़ के लिए जुटे हुए हैं। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा से आजिज आकर जन आंदोलन का निर्णय लिया है। कृषि आयोग का गठन करके कृषि को उद्योग का दर्जा दिए जाए। फसलों का उचित मूल्य मिले, वृद्धावस्था पेंशन, प्रत्येक किसान मजदूर का दुर्घटना बीमा 10 लाख रुपये सुनिश्चित करने, टीडीजेड क्षेत्र में 24 घंटे बिजली व पूरे प्रदेश में 18 घंटे बिजली सप्लाई, नहर व रजबाहों में रोस्टर के मुताबिक टेल तक पानी पहुंचाने के साथ 25 बीघा से अधिक के किसानों को भी ओला व सूखा राहत जैसी मांगे शामिल हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ग्राम सराय राजनगर, मुढई, सरसेला, पटना, विशमपुर, खोजापुर आदि दर्जनों ग्रामों में सघन जन संपर्क कर किसानों से संगठित होने का आह्वान किया। इस दौरान रेशम पाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, साधु सिंह, रामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।