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इफ्को केंद्र पर खाद न मिलने पर किसान भड़के
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Fri, 26 Dec 2014 10:40 PM IST
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कासगंज में खाद की किल्लत के चलते शुक्रवार को इफ्को केंद्र पर किसान खाद न मिलने से भड़क गए। केंद्र के कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों से किसानों की नोंक झोंक हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र के कर्मी खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। किसानों से अतिरिक्त धन की मांग की जा रही है।
इफ्को केंद्र पर सुबह से किसान खाद पाने को कतारों में लगे थे। पहले तो केंद्र के कर्मियों ने टोकन आनाकानी के बाद दिए। किसानों को जब घंटो लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिली तो वे आक्रोशित हो गए। पुलिस ने आक्रोशित किसानों को शांत करने के लिए सख्ती की तो पुलिस कर्मियों से भी किसानों की नोंक झोंक हो गई। काफी देर तक किसानों का हंगामा चलता रहा। बाद में किसानों को समझा बुझाकर शांत किया गया। तमाम किसान बिना खाद के लिए मायूस होकर वापस लौट गए।
तिलसई कला के किसान महेंद्र सिंह ने बताया कि लाइन लगे किसानों को खाद नहीं मिल रही, जबकि सिफारिस वाले लेागों को कालाबाजारी करके खाद की बोरियां बेच दी जाती हैं।
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जाटऊ अशोकपुर के किसान वीरपाल ने भी ऐसे ही आरोप लगाए। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि नेता और अधिकारी किसानों की समस्याओं को नजर अंदाज कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग की है
हनौता के किसान जितेंद्र ने बताया कि सुबह टोकन भी केंद्र के कर्मियों ने फेंक दिए। किसानों में टोकन पाने को अफरा तफरी हो गई। ऐसे में कोई भी दुर्घटना घट सकती है।
सैलई के रामवीर, सेविका अमांपुर के किसान सत्यभान एवं बांछमई राजकुमार ने आरोप लगाया कि अनियमितताओं के चलते उन्हें खाद नहीं मिल सकी। वे मायूस होकर गांव लौट रहे हैं। वे सुबह से लाइन में लगे थे।
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इफ्को केंद्र पर सुबह से किसान खाद पाने को कतारों में लगे थे। पहले तो केंद्र के कर्मियों ने टोकन आनाकानी के बाद दिए। किसानों को जब घंटो लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिली तो वे आक्रोशित हो गए। पुलिस ने आक्रोशित किसानों को शांत करने के लिए सख्ती की तो पुलिस कर्मियों से भी किसानों की नोंक झोंक हो गई। काफी देर तक किसानों का हंगामा चलता रहा। बाद में किसानों को समझा बुझाकर शांत किया गया। तमाम किसान बिना खाद के लिए मायूस होकर वापस लौट गए।
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तिलसई कला के किसान महेंद्र सिंह ने बताया कि लाइन लगे किसानों को खाद नहीं मिल रही, जबकि सिफारिस वाले लेागों को कालाबाजारी करके खाद की बोरियां बेच दी जाती हैं।
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जाटऊ अशोकपुर के किसान वीरपाल ने भी ऐसे ही आरोप लगाए। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि नेता और अधिकारी किसानों की समस्याओं को नजर अंदाज कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग की है
हनौता के किसान जितेंद्र ने बताया कि सुबह टोकन भी केंद्र के कर्मियों ने फेंक दिए। किसानों में टोकन पाने को अफरा तफरी हो गई। ऐसे में कोई भी दुर्घटना घट सकती है।
सैलई के रामवीर, सेविका अमांपुर के किसान सत्यभान एवं बांछमई राजकुमार ने आरोप लगाया कि अनियमितताओं के चलते उन्हें खाद नहीं मिल सकी। वे मायूस होकर गांव लौट रहे हैं। वे सुबह से लाइन में लगे थे।