{"_id":"60a140568ebc3e96fc0d83d2","slug":"health-corona-virus-corona-vaccination-corona-pandamic-children-etah-news-agr492126883","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों की सेहत का रखें ख्याल, डॉक्टर से लें सलाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों की सेहत का रखें ख्याल, डॉक्टर से लें सलाह
विज्ञापन
एटा। कोरोना संक्रमण की चपेट में बच्चे भी आने लगे हैं। आने वाला समय इसी आयु वर्ग के लिए अधिक खतरनाक बताया जा रहा है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों को चिंता सताने लगी है। इसको लेकर बाल रोग विशेषज्ञों के पास लोग कॉल कर बचाव, दवा आदि के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
इन दिनों सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। परामर्श के लिए चिकित्सकों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि उनके पास हर दिन 10 से 15 व्यक्तियों की कॉल आती हैं। कई लोग बताते हैं कि उनका बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया है, क्या उपचार करें? इसके अलावा बच्चों को संक्रमण से बचाए रखने के लिए भी लोग जानकारी मांगते हैं।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस बार संक्रमण खतरनाक है। जिसकी चपेट में हर वर्ग आ रहा है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए उनको बार-बार नाक, ओठ व पलकों को छूने से रोकें। इसके साथ ही खांसी-जुकाम व बुखार वाले लोगों के पास न जाने दें। बच्चों को खूब पानी पिलाएं। उनके खाने को लेकर विशेष ध्यान दें। ठंडे खाद्य-पेय पदार्थों से इस समय उनको दूर रखें। ऐसी चीजे बच्चों का गला खराब कर सकती हैं।
विज्ञापन
बच्चों में मिल रहे ये लक्षण
दस्त लगना, उल्टी आना, लंबे समय तक बुखार आना, पेट में दर्द, हाथ-पैरों में सूजन, अधिक समय तक सोना, मांसपेशियों में दर्द, सूखी खांसी, ओठ लाल पड़ना आदि लक्षण बच्चों में मिल रहे हैं।
विज्ञापन
इन दिनों सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। परामर्श के लिए चिकित्सकों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि उनके पास हर दिन 10 से 15 व्यक्तियों की कॉल आती हैं। कई लोग बताते हैं कि उनका बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया है, क्या उपचार करें? इसके अलावा बच्चों को संक्रमण से बचाए रखने के लिए भी लोग जानकारी मांगते हैं।
विज्ञापन
डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस बार संक्रमण खतरनाक है। जिसकी चपेट में हर वर्ग आ रहा है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए उनको बार-बार नाक, ओठ व पलकों को छूने से रोकें। इसके साथ ही खांसी-जुकाम व बुखार वाले लोगों के पास न जाने दें। बच्चों को खूब पानी पिलाएं। उनके खाने को लेकर विशेष ध्यान दें। ठंडे खाद्य-पेय पदार्थों से इस समय उनको दूर रखें। ऐसी चीजे बच्चों का गला खराब कर सकती हैं।
विज्ञापन
बच्चों में मिल रहे ये लक्षण
दस्त लगना, उल्टी आना, लंबे समय तक बुखार आना, पेट में दर्द, हाथ-पैरों में सूजन, अधिक समय तक सोना, मांसपेशियों में दर्द, सूखी खांसी, ओठ लाल पड़ना आदि लक्षण बच्चों में मिल रहे हैं।