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ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के अधिकारियों का प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Tue, 30 Jun 2015 10:45 PM IST
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ज्वाइंट फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को जिले के ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। बैंक के ताले नहीं खुले। कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपा। एक दिवसीय हड़ताल के चलते उपभोक्ता भी परेशान हुए। जिले में बैंक की हड़ताल से करीब 50 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
जिले मेें ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की 40 शाखाएं हैं। सभी के अधिकारी और कर्मचारी सुबह क्षेत्रीय कार्यालय पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी यदि भारत सरकार गंभीर रूप से जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो संगठन आंदोलनात्मक कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए धरना प्रदर्शन और ेेेेअनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर आरके गुप्ता, उमेश यादव, अनुपम जौहरी, सत्यप्रवीन गुप्ता, आईएन खान, सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, आरपी सक्सेना, दुर्वेश यादव, एमसी यादव, उदयवीर सिंह, आरपी सिंह, बीडी सिंह, सुरेंद्र सिंह यादव, केके तिवारी आदि मौजूद थे।
यह हैं मांगें
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के निजीकरण का विरोध
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए
- प्रवर्तक बैंक के अनुरूप पेंशन, पीएफ स्कीम लागू की जाए
- दसवां वेतन समझौता प्रवर्तक बैंक के अनुरूप, सुविधाएं लागू की जाएं
- एसके मितच्रा कमेटी की रिपोर्ट लागू की जाए
- ग्रामीण बैंकों में आउट सोर्सिंग कार्यों पर रोक लगाई जाए
- दैनिक वेतन भोगी, अंशकालिक सफाई कर्मियों को नियमित किया जाए
- नवनियुक्त कार्यालय सहायकों को स्नातक वेतन वृद्धि दी जाए
- समान रूप से ग्रेच्युटी का भुगतान कर्मचारी, अधिकारियों को किया जाए
- आईबीए द्वारा ग्रामीण बैंकों के वार्ता मंच को मान्यता देने के बाद प्रायोजक बैंकों की सेवा नियमावली ग्रामीण बैंकों में भी लागू की जाए
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जिले मेें ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की 40 शाखाएं हैं। सभी के अधिकारी और कर्मचारी सुबह क्षेत्रीय कार्यालय पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी यदि भारत सरकार गंभीर रूप से जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो संगठन आंदोलनात्मक कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए धरना प्रदर्शन और ेेेेअनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर आरके गुप्ता, उमेश यादव, अनुपम जौहरी, सत्यप्रवीन गुप्ता, आईएन खान, सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, आरपी सक्सेना, दुर्वेश यादव, एमसी यादव, उदयवीर सिंह, आरपी सिंह, बीडी सिंह, सुरेंद्र सिंह यादव, केके तिवारी आदि मौजूद थे।
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यह हैं मांगें
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के निजीकरण का विरोध
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए
- प्रवर्तक बैंक के अनुरूप पेंशन, पीएफ स्कीम लागू की जाए
- दसवां वेतन समझौता प्रवर्तक बैंक के अनुरूप, सुविधाएं लागू की जाएं
- एसके मितच्रा कमेटी की रिपोर्ट लागू की जाए
- ग्रामीण बैंकों में आउट सोर्सिंग कार्यों पर रोक लगाई जाए
- दैनिक वेतन भोगी, अंशकालिक सफाई कर्मियों को नियमित किया जाए
- नवनियुक्त कार्यालय सहायकों को स्नातक वेतन वृद्धि दी जाए
- समान रूप से ग्रेच्युटी का भुगतान कर्मचारी, अधिकारियों को किया जाए
- आईबीए द्वारा ग्रामीण बैंकों के वार्ता मंच को मान्यता देने के बाद प्रायोजक बैंकों की सेवा नियमावली ग्रामीण बैंकों में भी लागू की जाए