{"_id":"65b543e20374d6ffb509287c","slug":"get-prescription-made-in-old-building-get-treatment-in-new-opd-etah-news-c-163-1-eta1001-111859-2024-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: पुराने भवन में पर्चा बनवाओ, नई ओपीडी में इलाज पाओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: पुराने भवन में पर्चा बनवाओ, नई ओपीडी में इलाज पाओ
Sat, 27 Jan 2024 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 27 Jan 2024 11:26 PM IST
विज्ञापन
एटा। जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत हुए मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नए भवन में इलाज किया जा रहा है, लेकिन पंजीकरण का पर्चा पुराने भवन में बनाया जा रहा है। इधर से उधर चक्कर लगाकर मरीजों की सांस फूल जाती हैं। साथ में आने वाले तीमारदार भी हांफने लगते हैं।
शहर के जीटी रोड पर मेडिकल कॉलेज की नई इमारत में ओपीडी का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। शुरुआत में तो दवा के लिए पंजीकरण का पर्चा भी यहीं बन रहा था। मगर अब यहां से हटाकर फिर से पुरानी इमारत में पर्चे बनाए जा रहे हैं। जिसकी वजह से मरीजों के साथ-साथ ही तीमारदारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपनी मां को दवा दिलाने आए कपिल ने बताया कि हमने सोचा था कि सारे काम नई भवन में एक जगह ही हो जाएंगे। यहां तो इधर से उधर भागना पड़ रहा है। नए भवन में पहुंचे, वहां बताया गया कि पर्चा पुराने भवन में बनेगा। इसके बाद पर्चा बनवाने के लिए पुराने भवन में जाना पड़ा। फिर नए भवन में आकर डॉक्टर कोे दिखाया, उसके बाद कहीं दवा मिली।
विज्ञापन
शहर के जीटी रोड पर मेडिकल कॉलेज की नई इमारत में ओपीडी का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। शुरुआत में तो दवा के लिए पंजीकरण का पर्चा भी यहीं बन रहा था। मगर अब यहां से हटाकर फिर से पुरानी इमारत में पर्चे बनाए जा रहे हैं। जिसकी वजह से मरीजों के साथ-साथ ही तीमारदारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपनी मां को दवा दिलाने आए कपिल ने बताया कि हमने सोचा था कि सारे काम नई भवन में एक जगह ही हो जाएंगे। यहां तो इधर से उधर भागना पड़ रहा है। नए भवन में पहुंचे, वहां बताया गया कि पर्चा पुराने भवन में बनेगा। इसके बाद पर्चा बनवाने के लिए पुराने भवन में जाना पड़ा। फिर नए भवन में आकर डॉक्टर कोे दिखाया, उसके बाद कहीं दवा मिली।
विज्ञापन