{"_id":"6626b2ffc88d33571b015304","slug":"gathering-of-saltpetre-factories-in-the-air-of-jalesar-etah-news-c-163-1-sagr1016-115848-2024-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: शोरा फैक्टरियों से जलेसर की आवो-हवा में घुल रहा जहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: शोरा फैक्टरियों से जलेसर की आवो-हवा में घुल रहा जहर
Tue, 23 Apr 2024 12:27 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 23 Apr 2024 12:27 AM IST
विज्ञापन
जलेसर। नगर क्षेत्र जलेसर व आसपास के क्षेत्रों में बने स्तर पर शोरा फैक्टरियां संस्थापित की गईं। इनसे कमाई का अच्छा जरिया लोगों के लिए बना, लेकिन इसके दुष्परिणाम भी सामने आए और भूजल खारा होता चला गया। इसके दुष्प्रभावों के बारे में जब जानकारी हो सकी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। इसके बाद शासन प्रशासन को भनक लगी तो ताबड़-तोड़ कार्रवाई की गईं, लेकिन वर्तमान में भी चोरी छिपे कार्य हो रहा है, जो स्थानीय लोगों के बीच बड़ा मुद्दा बना है।
जलेसर क्षेत्र ताज ट्रिपॉजियम जोन में आता है लेकिन यहां दर्जनों शोरा फैक्टरी अवैध रूप से संचालित है। इन कारखानों में रसायन प्रक्रिया से शोरा बनाने का काम किया जा रहा है। शोरा बनाने के लिए तेजाब व कई प्रकार के तीव्र रसायनों का प्रयोग किया जाता है। इसको इस्तेमाल करने के बाद पानी बोरिंग के माध्यम से जमीन में पहुंचा दिया जात है। यही वजह है कि भूजल लगातार खारा हो रहा है।
जबकि वर्षों पूर्व इन फैक्टरियों पर प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन स्थानीय प्रशासन व शोरा कारोबारियों की सांठ-गांठ से वर्तमान में दर्जनों की संख्या में फैक्टरी संचालित है। जबकि तत्कालीन एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री की ओर से इन फैक्टरियों को नोटिस देकर कार्रवाई की गई थी। अवैध रूप से चलाई जा रही फैक्टरियों से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये का कारोबार कर लाभ कमाया जा रहा है।
विज्ञापन
जलेसर नगर की बात करें तो आगरा रोड़, फिरोजाबाद रोड, इसौली रोड, समसपुर रोड, दरगाह रोड, सिकंदराराऊ रोड, हाथरस रोड, सादाबाद रोड, सासनी रोड आदि जगहों पर शोरा कारखाने अवैध रूप से संचालित हैं। यह क्षेत्र की जनता के बीच बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
विज्ञापन
जलेसर क्षेत्र ताज ट्रिपॉजियम जोन में आता है लेकिन यहां दर्जनों शोरा फैक्टरी अवैध रूप से संचालित है। इन कारखानों में रसायन प्रक्रिया से शोरा बनाने का काम किया जा रहा है। शोरा बनाने के लिए तेजाब व कई प्रकार के तीव्र रसायनों का प्रयोग किया जाता है। इसको इस्तेमाल करने के बाद पानी बोरिंग के माध्यम से जमीन में पहुंचा दिया जात है। यही वजह है कि भूजल लगातार खारा हो रहा है।
विज्ञापन
जबकि वर्षों पूर्व इन फैक्टरियों पर प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन स्थानीय प्रशासन व शोरा कारोबारियों की सांठ-गांठ से वर्तमान में दर्जनों की संख्या में फैक्टरी संचालित है। जबकि तत्कालीन एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री की ओर से इन फैक्टरियों को नोटिस देकर कार्रवाई की गई थी। अवैध रूप से चलाई जा रही फैक्टरियों से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये का कारोबार कर लाभ कमाया जा रहा है।
विज्ञापन
जलेसर नगर की बात करें तो आगरा रोड़, फिरोजाबाद रोड, इसौली रोड, समसपुर रोड, दरगाह रोड, सिकंदराराऊ रोड, हाथरस रोड, सादाबाद रोड, सासनी रोड आदि जगहों पर शोरा कारखाने अवैध रूप से संचालित हैं। यह क्षेत्र की जनता के बीच बड़ा मुद्दा बना हुआ है।