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खुले आम चल रहा गैस रीफिलिंग का खेल

Mon, 25 Nov 2019 10:48 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2019 10:48 PM IST
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gas refiling, lpg, etah
सड़क किनारे खुले में घरेलू गैस सिलिंडर से टेंपू में गैस ‌रीफिलिंग करता युवक। संवाद - फोटो : ETAH
एटा। रीफिलिंग कर वाहनों में अवैध रूप एलपीजी भरी जा रही है। शहर में खुलेआम यह धंधा दर्जनों स्थानों पर फलफूल रहा है। इससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद प्रशासन आंखें मूंद कर बैठा है।
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शहर की लगभग सभी सड़कों पर कार, ऑटो में आदि में अवैध तरीके से रीफिलिंग कर गैस भरी जाती है। इन दुकानदारों के पास कोई लाइसेंस नहीं है। यहां तक कि यह सड़क पर ही गैस सिलिंडर और रीफिलिंग का सामान रखकर धड़ल्ले से धंधा कर रहे हैं। इस काम में सिलिंडर की डिलीवरी करने वाले हॉकर भी शामिल हैं। वह दुकानदारों को ब्लैक में सिलिंडर बेचते हैं। दुकानदार इन सिलिंडरों से टिल्लू पंप और हाथ की मशीन से वाहनों में गैस भरते हैं।
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यहां चल रहा अवैध कारोबार
कासगंज रोड पर आईटीआई के पास, निधौली रोड पर शृंगार नगर, सकीट रोड, जीटी रोड स्थित चौथा मील, सहावर रोड पर शिवसिंगपुर गांव में गैस रिफलिंग की दुकानें सड़क पर ही खुलेआम चल रही हैं।
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स्कूली बच्चे भी खतरे में
वैन से जाने वाले स्कूल के बच्चे भी खतरे में हैं। स्कूलों में बच्चों को ढोने पर लगीं ज्यादातर वैन में भी एलपीजी सिलिंडर ही लगे हैं। शहर में करीब पचास के आसपास स्कूली वैन हैं।
शहर में 300 से ज्यादा हैं ऑटो
शहर में 300 से ज्यादा ऑटो गैस से चलते हैं। इनके पास सीएनजी या गैस से चलाने की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद शहर की लगभग सभी सड़कों पर 30 से 40 ऑटो सरपट दौड़ रहे हैं।
यह है गैस भराई का रेट
शहर में एलपीजी गैस की रीफिलिंग का रेट निर्धारित है। यदि सिलिंडर अपना लाएंगे और केवल गैस के रीफिलिंग करानी है तो सौ रुपये मजदूरी के लगते हैं। गैस सहित रीफिलिंग करानी है तो नौ सौ रुपये लगते हैं। इसमें सौ रुपये गैस एजेंसी का हॉकर ले जाता है।
ले रखे हैं कई उपभोक्ताओं के नंबर
कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके परिवार में छह लोग हैं तो चार के नाम पर गैस सिलिंडर है, वहीं कई परिवार ऐसे हैं जिनके यहां निर्धारित सिलिंडर उपयोग नहीं होते, हॉकर ऐसे परिवारों को जानते हैं, और वक्त पर उनसे गैस बुक करवाकर उसे खुले बाजार में बेच देते हैं। उपभोक्ता को बैठे-बिठाए सब्सिडी खाते में आ जाती है, इसलिए उसे भी कोई दिक्कत नहीं होती।

जगह-जगह हो रही गैस रीफिलिंग की रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को दी गई है। एडीएम प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को कार्रवाई करने के पत्र भेजे गए हैं। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- शिवदयाल शर्मा, सीएफओ
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