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Etah News: सीने में दर्द उठा और 25 मिनट में गई फिरोजाबाद के कैदी की जान
Wed, 25 Oct 2023 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 25 Oct 2023 11:15 PM IST
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एटा। हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहे फिरोजाबाद के कैदी के सीने में बुधवार सुबह तेज दर्द उठा। जेल से मेडिकल काॅलेज ले जाने तक के अंतराल में 25 मिनट के अंदर उसकी जान चली गई। इससे पहले कैदी को किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। हृदयाघात से मौत की आशंका जताई जा रही है।
सुरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू (49) निवासी नगला संजेती थाना जसराना जिला फिरोजाबाद यहां जिला कारागार में निरुद्ध था। 2007 में अवागढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में जनवरी 2023 में पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इनमें से सुरेंद्र भी एक था। उसे बैरक नंबर 10 में रखा गया था। बुधवार तड़के 4:55 पर अचानक उसने सीने में दर्द की शिकायत की। जेल चिकित्सक को दिखाया गया। इसी बीच उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। तुरंत ही जेल कर्मचारियों के साथ उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इमरजेंसी में उसे 5:20 बजे पर लाया गया। जहां चिकित्सक ने देखते ही मृत बता दिया। इसके बाद अन्य कानूनी औपचारिकताएं की गईं।
जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि कैदी की शिकायत पर तुरंत ही जेल चिकित्सक को दिखाया गया और तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। उसके साथ सजायाफ्ता हुए चार अन्य लोग भी जेल में निरुद्ध हैं। इनसे दर्द, बीमारी आदि के इतिहास को लेकर जानकारी की गई, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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सुरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू (49) निवासी नगला संजेती थाना जसराना जिला फिरोजाबाद यहां जिला कारागार में निरुद्ध था। 2007 में अवागढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में जनवरी 2023 में पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इनमें से सुरेंद्र भी एक था। उसे बैरक नंबर 10 में रखा गया था। बुधवार तड़के 4:55 पर अचानक उसने सीने में दर्द की शिकायत की। जेल चिकित्सक को दिखाया गया। इसी बीच उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। तुरंत ही जेल कर्मचारियों के साथ उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इमरजेंसी में उसे 5:20 बजे पर लाया गया। जहां चिकित्सक ने देखते ही मृत बता दिया। इसके बाद अन्य कानूनी औपचारिकताएं की गईं।
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जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि कैदी की शिकायत पर तुरंत ही जेल चिकित्सक को दिखाया गया और तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। उसके साथ सजायाफ्ता हुए चार अन्य लोग भी जेल में निरुद्ध हैं। इनसे दर्द, बीमारी आदि के इतिहास को लेकर जानकारी की गई, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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