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कार खड़ी करने के विवाद में बहन-भाई को मारी गोली, गंभीर
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अलीगंज/एटा। थाना अलीगंज क्षेत्र के मोहल्ला काजी में दरवाजे के सामने कार खड़ी करने से मना करने पर पड़ोसी ने फायरिंग कर दी। इसमें भाई-बहन के गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान भाई को आगरा और बहन को सैफई रेफर किया गया है। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
घटना मंगलवार रात करीब 9.45 बजे डाक बंगला के समीप स्थित मोहल्ला काजी की है। यहां रहने वाले शिक्षक अरविंद के घर के बाहर पड़ोसी महेश चंद के परिजनों ने कार खड़ी कर दी। इसका अरविंद ने विरोध किया तो आरोपी पक्ष गाली-गलौज करने लगे। इस पर अरविंद घर से करीब सौ मीटर दूर स्थित कोतवाली में शिकायत करने चले गए।
वहीं, इसकी जानकारी जैसे ही महेश चंद्र पक्ष के लोगों को लगी वह बौखला गए और घर से तमंचा निकाल लाए। आरोपियों ने अरविंद के घर को निशाना बनाते हुए फायर कर दिया। इससे गोली सीधे अरविंद के तीस वर्षीय पुत्र रमाशंकर और 17 वर्षीय बेटी सोनी के पेट में लगी और वह वहीं मौके पर लहूलुहान होकर गिर पड़े।
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परिवार मची चीख-पुकार
दोनों भाई-बहन के गोली लगने से परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन आनन-फानन में दोनों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां से रमाकांत को आगरा और सोनी को हायर सेंटर सैफई रेफर किया गया है। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अलीगंज कोतवाली पंकज मिश्रा ने मौके से महेश चंद्र और उनके दोनों बेटों शिवकांत और धर्मेँद्र को हिरासत में ले लिया है। बताया कि अभी तक पीड़ित परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली से सौ मीटर की दूरी पर वारदात
कोतवाली से मात्र सौ मीटर की दूर पर फायरिंग की घटना से पुलिस पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। जिस वक्त घटना घटी अरविंद कोतवाली में ही बैठे हुए थे। यदि पुलिस तत्परता दिखाती और तत्काल मौके पर पहुंचती तो शायद गोलीबारी की घटना नहीं घटित होती।
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घटना मंगलवार रात करीब 9.45 बजे डाक बंगला के समीप स्थित मोहल्ला काजी की है। यहां रहने वाले शिक्षक अरविंद के घर के बाहर पड़ोसी महेश चंद के परिजनों ने कार खड़ी कर दी। इसका अरविंद ने विरोध किया तो आरोपी पक्ष गाली-गलौज करने लगे। इस पर अरविंद घर से करीब सौ मीटर दूर स्थित कोतवाली में शिकायत करने चले गए।
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वहीं, इसकी जानकारी जैसे ही महेश चंद्र पक्ष के लोगों को लगी वह बौखला गए और घर से तमंचा निकाल लाए। आरोपियों ने अरविंद के घर को निशाना बनाते हुए फायर कर दिया। इससे गोली सीधे अरविंद के तीस वर्षीय पुत्र रमाशंकर और 17 वर्षीय बेटी सोनी के पेट में लगी और वह वहीं मौके पर लहूलुहान होकर गिर पड़े।
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परिवार मची चीख-पुकार
दोनों भाई-बहन के गोली लगने से परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन आनन-फानन में दोनों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां से रमाकांत को आगरा और सोनी को हायर सेंटर सैफई रेफर किया गया है। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अलीगंज कोतवाली पंकज मिश्रा ने मौके से महेश चंद्र और उनके दोनों बेटों शिवकांत और धर्मेँद्र को हिरासत में ले लिया है। बताया कि अभी तक पीड़ित परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली से सौ मीटर की दूरी पर वारदात
कोतवाली से मात्र सौ मीटर की दूर पर फायरिंग की घटना से पुलिस पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। जिस वक्त घटना घटी अरविंद कोतवाली में ही बैठे हुए थे। यदि पुलिस तत्परता दिखाती और तत्काल मौके पर पहुंचती तो शायद गोलीबारी की घटना नहीं घटित होती।