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Etah News: अपनों से जूझना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती
Mon, 01 May 2023 11:46 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 01 May 2023 11:46 PM IST
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एटा। निकाय चुनाव में कई जगह भाजपा बनाम भाजपा है। टिकट न मिलने पर पार्टी के लोग खुलकर चुनाव मैदान में आ गए हैं और भाजपा प्रत्याशियों को टक्कर दे रहे हैं। कुछ जगह यह पार्टी प्रत्याशियों पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे पांच निकाय हैं जहां अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के कार्यकर्ता निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी के लिए इन पांचों निकायों में विपक्षियों के साथ अपनों से भी जूझना बड़ी चुनौती साबित हो रही है।
जलेसर में भाजपा ने इन्दुवाला को प्रत्याशी बनाया है। यहां टिकट मांग रहे दो भाजपाइयों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया। किसी तरह एक प्रत्याशी को मनाने में तो पार्टी कामयाब रही। पर्चा वापस करा लिया। एक कार्यकर्ता की पत्नी अभी भी मैदान में डटी हुई हैंं। वह कड़े मुकाबले में हैं। अवागढ़ में भी टिकट घोषणा के बाद बगावती स्वर फूटे। यहां निवर्तमान चेयरमैन महेशपाल सिंह को टिकट दिया गया। जबकि वैश्य वर्ग के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने की मांग थी। ऐसे में इस वर्ग ने मिलकर एक प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया। वह भाजपा से टिकट मांग रहे थे।
निधौली कलां नगर पंचायत में मुख्य मुकाबला ही भाजपा बनाम भाजपा का हो गया है। टिकट निवर्तमान चेयरमैन देवलाल लोधी को मिला। यहां एक कार्यकर्ता टिकट न मिलने पर खुलकर विरोध में आ गए। उन्होंने अपने परिवार की महिला को चुनाव मैदान में उतारा है। वह भाजपा प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दे रही हैं। जैथरा नगर पंचायत में भी पार्टी ने निवर्तमान चेयरमैन विजेंद्र सिंह चौहान पर भरोसा जताया। यहां टिकट मांग रहे वैश्य वर्ग के एक कार्यकर्ता ने निर्दलीय नामांकन कर डाला। राजा का रामपुर नगर पंचायत की कहानी कुछ अलग है। यहां खेल पर्दे के पीछे से खेला जा रहा है। सीट एससी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। मोहरे के रूप में प्रत्याशियों को आगे किया गया है। एक निर्दलीय प्रत्याशी को कुछ भाजपाइयों ने ही खड़ा किया है। यहां तक कि उसका नामांकन कराने के लिए भी भाजपाई पहुंचे थे।
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निर्दलीयों के चुनाव प्रचार में भी भाजपाई
बागी होकर चुनाव लड़ रहे कार्यकर्ताओं के अलावा कई सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी भी पार्टी से भितरघात कर रहे हैं। पार्टी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार के बजाय निर्दलीयों को लड़ाने में ताकत झोंक रहे हैं। ये लोग पार्टी को अपनी ताकत का अहसास कराना चाहते हैं।
चार कार्यकर्ताओं के नाम उच्च नेतृत्व को भेज दिए गए हैं, जो चुनाव लड़ रहे हैं। उन पर एक-दो दिन में ही कार्रवाई हो जाएगी। अभी ऐसे कार्यकर्ताओं पर भी विचार किया जा रहा है जो पार्टी का विरोध कर किसी और प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं।
- नागेंद्र सिकरवार, बृज क्षेत्र मंत्री एवं एटा निकाय चुनाव प्रभारी
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जलेसर में भाजपा ने इन्दुवाला को प्रत्याशी बनाया है। यहां टिकट मांग रहे दो भाजपाइयों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया। किसी तरह एक प्रत्याशी को मनाने में तो पार्टी कामयाब रही। पर्चा वापस करा लिया। एक कार्यकर्ता की पत्नी अभी भी मैदान में डटी हुई हैंं। वह कड़े मुकाबले में हैं। अवागढ़ में भी टिकट घोषणा के बाद बगावती स्वर फूटे। यहां निवर्तमान चेयरमैन महेशपाल सिंह को टिकट दिया गया। जबकि वैश्य वर्ग के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने की मांग थी। ऐसे में इस वर्ग ने मिलकर एक प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया। वह भाजपा से टिकट मांग रहे थे।
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निधौली कलां नगर पंचायत में मुख्य मुकाबला ही भाजपा बनाम भाजपा का हो गया है। टिकट निवर्तमान चेयरमैन देवलाल लोधी को मिला। यहां एक कार्यकर्ता टिकट न मिलने पर खुलकर विरोध में आ गए। उन्होंने अपने परिवार की महिला को चुनाव मैदान में उतारा है। वह भाजपा प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दे रही हैं। जैथरा नगर पंचायत में भी पार्टी ने निवर्तमान चेयरमैन विजेंद्र सिंह चौहान पर भरोसा जताया। यहां टिकट मांग रहे वैश्य वर्ग के एक कार्यकर्ता ने निर्दलीय नामांकन कर डाला। राजा का रामपुर नगर पंचायत की कहानी कुछ अलग है। यहां खेल पर्दे के पीछे से खेला जा रहा है। सीट एससी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। मोहरे के रूप में प्रत्याशियों को आगे किया गया है। एक निर्दलीय प्रत्याशी को कुछ भाजपाइयों ने ही खड़ा किया है। यहां तक कि उसका नामांकन कराने के लिए भी भाजपाई पहुंचे थे।
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निर्दलीयों के चुनाव प्रचार में भी भाजपाई
बागी होकर चुनाव लड़ रहे कार्यकर्ताओं के अलावा कई सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी भी पार्टी से भितरघात कर रहे हैं। पार्टी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार के बजाय निर्दलीयों को लड़ाने में ताकत झोंक रहे हैं। ये लोग पार्टी को अपनी ताकत का अहसास कराना चाहते हैं।
चार कार्यकर्ताओं के नाम उच्च नेतृत्व को भेज दिए गए हैं, जो चुनाव लड़ रहे हैं। उन पर एक-दो दिन में ही कार्रवाई हो जाएगी। अभी ऐसे कार्यकर्ताओं पर भी विचार किया जा रहा है जो पार्टी का विरोध कर किसी और प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं।
- नागेंद्र सिकरवार, बृज क्षेत्र मंत्री एवं एटा निकाय चुनाव प्रभारी