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पारंपरिक रूप से मनाया आंवला नवमी का त्योहार
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अरुणा नगर स्थित पार्क में आंवला वृक्ष की परक्रिमा करती महिला श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। आंवला नवमी पर्व शह में मंगलवार को उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने आंवले की पूजा अर्चना कर मनोती मांगी। निर्धनों को अन्न, धन आदि दान दिए गए। मंदिरों में भी धार्मिक आयोजन कराए गए। आंवला पर्व को लेकर भक्तों में काफी उत्साह देखा गया। महिलाओं ने अरूणा नगर में लगे आंवला के पेड़ की पूजा कर परिक्रमा लगाए।
इसके अलावा शांति नगर में काली मंदिर पर भक्तगणों ने पूजा अर्चना की। इसके साथ ही गरीब लोगों को खाना भी खिलाया। इस मौके पर पुष्पा देवी, मुन्नी देवी, रानी, अनीता, सरिता, प्रीति चौहान, रिचा वाष्र्णेय, अल्का वाष्र्णेय समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं
यह है मान्यता
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी पर्व को आंवला नवमी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन त्रेता युग का शुभारंभ हुआ था। इस दिन त्रेता युग के पुरोधा भगवान राम की पूजा अर्चना का विधान है। आंवले की पूजा अर्चना करने से मन की इच्छा की पूर्ति होती है।
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इसके अलावा शांति नगर में काली मंदिर पर भक्तगणों ने पूजा अर्चना की। इसके साथ ही गरीब लोगों को खाना भी खिलाया। इस मौके पर पुष्पा देवी, मुन्नी देवी, रानी, अनीता, सरिता, प्रीति चौहान, रिचा वाष्र्णेय, अल्का वाष्र्णेय समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं
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यह है मान्यता
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी पर्व को आंवला नवमी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन त्रेता युग का शुभारंभ हुआ था। इस दिन त्रेता युग के पुरोधा भगवान राम की पूजा अर्चना का विधान है। आंवले की पूजा अर्चना करने से मन की इच्छा की पूर्ति होती है।
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